एक परिवार में पहली कन्या के जन्म लेने की खुशी सिर्फ पांच ही दिन रह पाई। बेटी के जन्म लेने से पिता इतने खुश थे कि वह नामकरण संस्कार को धूमधाम से मनाने की तैयारी में थे। वह सामान का इंतजाम करने में लगे थे। शुक्रवार शाम कनालीछीना बाजार से गांव को सामान लेकर जाते समय समतड़ा के पास पैदल रास्ते में उनकी खाई में गिरकर मौत हो गई।
बताया गया कि कनालीछीना के सन्न गांव निवासी हरीश सिंह दिगारी (30) पुत्र नंदन सिंह दिगारी का विवाह 19 मई 2015 को पिथौरागढ़ के तोली गांव निवासी पूजा से हुआ था। 26 अप्रैल को उनके घर बेटी का जन्म हुआ। बेटी का जन्म होने की खुशी में दिल्ली में किसी कंपनी में प्राइवेट नौकरी करने वाला हरीश सिंह अगले दिन घर पहुंचा। उसने बेटी का नामकरण संस्कार धूमधाम से मनाने, पूरे गांव के लोगों को दावत देने का फैसला लिया था। वह पहले से ही इसकी तैयारी में जुटा था। शुक्रवार को हरीश कनालीछीना बाजार से नामकरण का सामान, मिठाई आदि लेने गया था।
उसने सामान ले जाने के लिए एक मजदूर लगा रखा था और खुद पीछे-पीछे चल रहा था। इतने में सन्न गांव से करीब एक किलोमीटर पहले समतड़ा के पास पैदल रास्ते में उसका संतुलन बिगड़ा और करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। लोगों ने खाई में जाकर उसे किसी तरह बाहर निकाला। हरीश के सिर पर गंभीर चोट आई थी। जब तक लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करते, उसने दम तोड़ दिया। हरीश परिवार में इकलौता बेटा था। घटना से पूरे गांव में शोक छा गया। परिवार में उसकी बीवी, मां और पिता बेहोश हैं।