झूलाघाट में पकड़े गए अवैध रेत के ट्रक
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भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कानड़ी गांव के पास महाकाली से हो रहे अवैध खनन की खबर लगातार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। लगातार हो रहे खनन के कारण भूकटाव का खतरा बढ़ रहा है और नदी के तटों में गड्ढे बन गए हैं। एसडीएम संतोष पांडे ने बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच बजे झूलाघाट वाली रोड पर चेकिंग अभियान चलाया। उन्होंने महाकाली की रेत लेकर आ रहे तीन ट्रकों को सीज कर दिया।
एसडीएम ने बताया कि किसी भी ट्रक चालक के पास रेत निकासी का कोई कागज नहीं मिला और तीनों ट्रकों को सीज कर दिया है। बाद में एसडीएम अपनी टीम के साथ कानड़ी गांव पहुंचे, लेकिन खनन माफिया को उनके आने की सूचना पहले ही मिल गई थी। बताया गया कि जैसे ही वड्डा चौकी से आगे को कोई छापामार टीम निकलती है तो खनन माफिया को इसकी सूचना मिल जाती है। कानड़ी में एसडीएम के आने से पहले ही रेत निकालने वाले मजदूर और रेत ढोने वाले खच्चर जा चुके थे।
एसडीएम ने राजस्व उपनिरीक्षकों को सख्त चेतावनी दी कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने झूलाघाट बाजार में लगाए गए रेत के ढेरों की जांच के आदेश दिए। झूलाघाट पुलिस की ओर से खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने पर एसडीएम ने सख्त नाराजगी जताई। कहा कि आज ही से चेकिंग अभियान शुरू करें और बिना कागजातों के रेत की निकासी न होने दें।