खेलते हुए घर से बाहर निकली छह वर्षीय बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया। बेटी की चीख सुनकर बाहर निकले पिता ने करीब सौ मीटर तक तेंदुए का पीछा कर उसके चंगुल से बेटी को मुक्त कराया, लेकिन गंभीर रूप से घायल बच्ची की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसके शरीर पर तेंदुए के पंजों और दांतों के गहरे जख्म हो गए थे। रौंगटे खड़े कर देने वाली यह घटना नेपाल के बैतड़ी जिले के तल्ला साउद क्षेत्र के उदयदेव गांव में रविवार देर शाम को घटी। पिछले साल से अब तक इस इलाके में तेंदुआ 22 लोगों की जान ले चुका है।
उदयदेव गांव निवासी शुक्र सिंह साउद की छह वर्षीय बेटी ललिता रविवार देर शाम घर में खेल रही थी। अचानक ललिता खेलते-खेलते घर से बाहर आ गई। तभी घर के बाहर कोने में घात लगाए तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया और उठा कर ले गया। बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनते ही शुक्र सिंह घर से बाहर निकले और तेंदुए के पीछे दौड़ पड़े। करीब सौ मीटर दौड़ने के बाद शुक्र सिंह तेंदुए पर झपट पड़े और अपनी जान को दांव पर लगाते हुए बेटी को तेंदुए के मुंह से छुड़ा लिया। शुक्र सिंह के हो-हल्ला करने पर तेंदुआ जंगल में भाग निकला।
तेंदुए के हमले में घायल मासूम ललिता के गले सहित पूरे शरीर पर गहरे जख्म हो गए थे। उसे रात में ही उदयदेव अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार दोपहर इलाज के दौरान ललिता ने दम तोड़ दिया। मासूम ललिता की मौत से क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। ललिता के पिता को इस बात का मलाल है कि काश बिटिया को घर से बाहर जाने से रोक लिया होता तो आज वह उनकी गोद में खिलखिला रही होती। इधर, जिला प्रहरी कार्यालय के प्रहरी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद श्रेष्ठ ने लोगों से अपील की है कि शाम के समय बच्चों को घर से बाहर न आने दें। इस सीजन में तेंदुओं की सक्रियता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि तेंदुए का आतंक फैलने की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया जाएगा।