पिथौरागढ़ में पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ठग
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चेन पॉलिस के झांसे में दो ठगों ने स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी के 13 ग्राम सोने पर हाथ साफ कर दिया। ठगों के जाने के बाद शक होने पर चेन तुलाई गई तो मामले का खुलासा हुआ। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।
नगर के पांडेगांव निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी भगवती प्रसाद जोशी के घर पर बृहस्पतिवार को दो युवक आए। उन्होंने सोने के आभूषणों की सफाई का झांसा दिया। भगवती युवकों की बातों में आ गए और अपनी 42 ग्राम सोने की चेन सफाई के लिए दे दी। युवकों ने चेन केमिकल में डाली और कुछ देर बाद चमकाकर वापस दे दी। युवकों के जाने के बाद उन्हें चेन का वजन कम लगा। शक होने पर उन्होंने एक सुनार से चेन तुलवाई तो 13 ग्राम से अधिक वजन कम निकला। इसके बाद पुलिस से मामले की शिकायत की गई। पुलिस ने बताए गए हुलिये के आधार पर ठगों की तलाश शुरू कर दी।
शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी ठगों को रोडवेज के पास पकड़ लिया। तलाशी में आभूषण साफ करने वाली सामग्री, केमिकल आदि बरामद हुआ। केमिकल में गला हुआ सोना भी बरामद हुआ। आरोपियों की पहचान बिहार के जिला मधेपुरा निवासी प्रीतम कुमार और विकास कुमार के रूप में हुई। कोतवाल ध्यान सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। इससे पहले आरोपियों से सघन पूछताछ हुई। पिथौरागढ़ पुुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने के लिए बिहार पुलिस से भी संपर्क साध रही है।
धोखाधड़ी की कई घटनाओं का नहीं हुआ खुलासा
जिले में गुजरे सालों में आभूषण चमकाने के झांसे में ठगी की कई घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं। अधिकतर घटनाएं ग्रामीण इलाकों में अंजाम दी गई। गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट के साथ ही पिथौरागढ़ के ग्रामीण इलाकों में ऐसी दर्जन भर से अधिक घटनाओं के आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं। ग्रामीण इलाकों में वारदात को अंजाम देकर आरोपियों का बच निकलना आसान रहा। एसपी अजय जोशी का कहना है कि लोगों में जागरूकता की कमी के चलते ठगी की घटनाएं हुई। पुलिस ने ठगों की धरपकड़ के लिए हरसंभव कोशिश की।