परिवार नियोजन अपनाने की इच्छा पर स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही भारी पड़ रही है। यहां एक महिला ने नसबंदी कराने के बाद भी बच्चा पैदा होने का मामला राज्य महिला आयोग के सामने रखा है।
अग्रोन निवासी कविता देवी पत्नी पंकज राम ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को भेजे प्रार्थना पत्र में कहा है कि 31 जनवरी 2015 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट में उसका नसबंदी ऑपरेशन किया गया। इससे पहले उसके तीन बच्चे हैं। उसका ऑपरेशन विफल रहा, वह नसबंदी के कुछ समय बाद ही वह गर्भवती हो गई। ऑपरेशन विफल होने का मामला स्वास्थ्य कर्मियों के सामने रखा तो कर्मचारियों ने उसे उच्चाधिकारियों को सूचना देने से रोक दिया। 25 सितंबर 2015 को पिथौरागढ़ के महिला अस्पताल में चौथी संतान के रूप में पुत्र ने जन्म लिया। 25 सितंबर को ही पुन: उसका नसबंदी ऑपरेशन किया गया। स्वास्थ्य महकमे ने नसबंदी का दूसरा प्रमाण पत्र जारी किया। कहा कि स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही से उसे शारीरिक, मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अब उसका स्वास्थ्य खराब रहता है। आंखों की रोशनी कम हो गई है। न चाहते हुए भी उसे एक और बच्चे का भरण-पोषण करना पड़ रहा है। उसने सरकार की योजना पर पलीता लगाने वाले जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही न्याय दिलाने की गुहार महिला आयोग से लगाई है। बच्चे के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता दिलाने की भी मांग की है।