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पिता के सपने को पूरा होते देख छलक आई श्वेता की आंखें त

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र्रकेटर श्वेता की माया कमला वर्मा। - फोटो : PITHORAGARH
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थल (पिथौरागढ़)। भारतीय टीम का हिस्सा बनने पर युवा क्रिकेटर श्वेता वर्मा (24) की आंखें छलक आईं। उन्हें पिता का चेहरा याद आ गया। उनके पिता स्व. मोहन लाल वर्मा भी क्रिकेटर थे। उनका सपना बेटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते देखना था। पिता की प्रेरणा से ही वह भारतीय टीम का हिस्सा बनी हैं।
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थल बाजार निवासी श्वेता बचपन से ही पिता स्व. मोहन को क्रिकेट खेलते देखतीं थीं। ऑलराउंडर पिता मोहन बेटी श्वेता को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। श्वेता की मां कमला वर्मा (58) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। विशेष बातचीत में कमला ने बताया कि डेढ़ साल पहले उनके पति मोहन की मृत्यु हो गई थी। तब मोहन ने कमला से कहा था कि अब बेटी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी तुम्हारी ही है।
इसलिए उन्होंने बच्चों के लिए कभी कमी नहीं होने दी। वह बेटी को पिता के सपने की याद दिलाते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करतीं रहीं। इसीलिए इंटर के बाद बेटी श्वेता को अल्मोड़ा भेजा। वहां पर कोच लियाकत अली से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। श्वेता ने भी मां की मेहनत और पिता के सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की।
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श्वेता की मां कमला ने बताया कि जिस दिन श्वेता का चयन भारतीय टीम में हुआ, तो श्वेता ने फोन पर मां से बात की। तब दोनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। मां कमला ने उम्मीद जताई कि श्वेता टीम में अच्छा प्रदर्शन कर देश का नाम जरूर रोशन करेंगी।
उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को हमेशा आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ खड़े रहें। श्वेता के बड़े भाई मोहित की थल में कॉस्मेटिक्स की दुकान है। इसलिए लोग उन्हें भी बधाई दे रहे हैं।
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