कैलाश यात्रा मार्ग के गरबाधार में दरकी पहाड़ी।
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कैलाश यात्रा मार्ग के तवाघाट-गुंजी सड़क पर गरबाधार में पहाड़ी दरकने से यातायात बाधित हो गया है। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरे हैं। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। मलबा, बोल्डर हटाने के लिए बीआरओ की ओर से दो जेसीबी मशीनें लगाई गईं हैं।
क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते पहाड़ियों का दरकना जारी है। शनिवार की सुबह करीब पांच बजे कूलागाड़, एलागाड़ और मलघाट पर मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई थी। बीआरओ ने 10 बजे सड़क पर यातायात सुचारु कर दिया था। गरबाधार में सुबह सात बजे पहाड़ी दरकने से गुंजी से धारचूला आ रहे और धारचूला से गुंजी जा रहे दर्जनों वाहन फंस गए। धारचूला से कई लोग गुंजी में आयोजित विजयोत्सव में शामिल होने जा रहे थे जिन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। कई जगहों पर सड़क काफी खतरनाक हुई है। पहाड़ी से लगातार मलबा, पत्थर गिरने से हादसों का भय बना हुआ है। बीआरओ ने जेसीबी मशीनें और मजदूर सड़क खोलने के लिए लगाए हैं।
सीमांत की 11 ग्रामीण सड़कें बंद
बारिश के चलते मलबा आने से सीमांत की 11 ग्रामीण सड़कें बाधित हैं। इसके चलते ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ड्योरा-बारमो, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, एलागाड़-जुम्मा, पौड़ी-घटकूना, छेड़ा-आगर सड़कें बंद हैं। इनके अलावा छोटी पांगला-जयकोट कुरीला, बगीचा-सिन्याखोला, सेराघाट-दानीबगड़, मदकोट-बोना, डीडीहाट-हुनेरा सड़कें बंद चल रही हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़कों पर यातायात सुचारु किए जाने की मांग उठाई है। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार की दोपहर झमाझम बारिश होने से बाजार आए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।