पिथौरागढ़ नगर निगम कार्यालय के बाहर लाडली के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन करते पार्षद।
पिथौरागढ़। लाडली को न्याय दिलाने के लिए पूरे प्रदेश के लोग आगे आ रहे हैं। सीमांत जिले में हर रोज धरना-प्रदर्शन हो रहा है। इसी कड़ी में अब पार्षद भी लाडली को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार की लापरवाही से लाडली और उसके परिजनों को न्याय नहीं मिल सका है। अब सरकार के पास अपनी गलती सुधारने का मौका है।
मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में पार्षदों ने सुशील खत्री और त्रिलोक महर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सीमांत की मासूम के साथ हल्द्वानी में दरिंदगी हुई। इस घटना के बाद पूरे देश और प्रदेश में आंदोलन हुआ। तब उच्च न्यायालय ने दोषी को फांसी सजा दी। सभी ने समझा था कि अब लाडली को न्याय मिल गया लेकिन पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को बरी कर दिया। ऐसा सिर्फ सरकार की कमजोर पैरवी से हुआ है।
पार्षदों ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात कर रही है लेकिन ऐसा कब होगा, यह स्पष्ट नहीं कर रही है। सरकार को शीघ्र ही पुनर्विचार याचिका दाखिल कर पैरवी के लिए कुशल वकीलों की नियुक्ति करनी होगी। यदि सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो लाडली के परिजनों को निजी वकील रखने की अनुमति मिलनी चाहिए ताकि उसे न्याय दिलाने के लिए ठोस पैरवी हो सके।
पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि लाडली को न्याय नहीं मिला तो सरकार को इसकी कीमत चुकानी होगी। पूरे प्रदेश में बड़ा जनांदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में पवन पाटनी, डॉ. रेनूका माहरा, पुष्पा उप्रेती, सेरीन नगरकोटी, राहुल लुंठी, कृष्णा वर्मा, भूपेंद्र, महेंद्र, सौरभ भंडारी, हंसी प्रकाश, अनिल जोशी, रवि मेहता, ललित, रवि मेहता सहित कई पार्षद मौजूद रहे।