पिथौरागढ़। जिले में पेयजल समस्या वाले क्षेत्रों को चिह्नित करने और गर्मी में पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने को लेकर डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी की समस्या के समाधान के लिए कंट्रोल रूम बनाने के लिए भी कहा।
बुधवार को डीएम ने जिला सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों का निरीक्षण कर पेयजल समस्या वाले स्थानों को तत्काल चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संस्थान और जल निगम से समन्वय बनाकर गर्मी के सीजन के दौरान क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए कार्य योजना तैयार करने, समस्या वाले स्थानों के निकट पेयजल टैंकर तैनात रखने, पेयजल आपूर्ति के लिए जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था करने और इसके लिए जल संस्थान से समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा। डीएम ने पेयजल समस्याओं का त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोम रूम स्थापित करने और हैंडपंपों की मरम्मत के साथ ही पेयजल की शुद्धता के लिए जल संस्थान को पानी का नियमित क्लोरीनेशन करने के लिए कहा।
घर की गंदगी नदी में डालने वालों पर सख्ती
पिथौरागढ़। डीएम आशीष चौहान ने घरों की गंदगी सीधे नदी में प्रवाहित करने पर सख्ती से कार्रवाई अमल में लाने के लिए कहा। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि सीएमओ से समन्वय बनाकर अस्पतालों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की भी नियमित निगरानी की जाए। ब्लाक स्तरों पर बीडीओ की अगुवाई में स्थानीय लोगों के सहयोग से प्रत्येक शनिवार को विशेष सफाई अभियान चलाने और एसडीएम स्वयं प्रतिभाग करते हुए सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
ये लोग रहे मौजूद
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट नंदन कुमार, ईई जल निगम आरएस धर्मसत्तू, ईई जल संस्थान सुरेश जोशी, ईओ पालिका दीपक गोस्वामी, डीडीएमओ भूपेंद्र सिंह आदि थे।