प्रदेश के मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने जंगल की आग रोकने के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि जिन क्षेत्रों में पिछले 10 सालों में आग लगने की घटनाएं अधिक हुई हैं। ऐसे क्षेत्रों को क्रिटिकल जोन घोषित करते हुए 24 घंटे कार्मिकों की तैनाती करने के निर्देश दिए हैं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से अधिकारियों से मुखातिब मुख्य सचिव ने पर्याप्त संख्या में क्रू-स्टेशन बनाने के साथ ही कम्युनिकेशन प्लान के तहत संचार व्यवस्था पुख्ता करने और सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए। जिला मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ ही आपदा प्रबंधन केंद्र में वन विभाग का वायरलेस सेट लगाने, प्रमुख वन संरक्षक को पर्याप्त संख्या में वायरलेस सेट खरीदने और जिला स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रभागीय वनाधिकारी को पुलिस, प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जंगल की आग की घटनाओं पर रोक लगाने को कहा।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को क्रू-स्टेशनों का स्वयं निरीक्षण करने के साथ ही जिला स्तर पर एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। जंगल की आग रोकने के काम में ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने को कहा। जिन क्षेत्रों में आग की घटनाएं कम होंगी। उन ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों को पर्याप्त संख्या में उपकरण खरीदने के निर्देश दिए। जंगलों में अधिक से अधिक फायर लाइनों का निर्माण करने को कहा। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मुख्य सचिव को जंगल की आग रोकने के लिए किए गए इंतजामों के बारे में बताया। इस दौरान सीडीओ आशीष चौहान, लोहाघाट आईटीबीपी के कमांडेंट आनंद सिंह, डीडीहाट आईटीबीपी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप, डीएफओ विनय भार्गव आदि मौजूद थे।