वर्ष 2013 की आपदा के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा स्थगित होने से प्रभावित 246 मजदूर (पोर्टर्स) के लिए शासन ने मुआवजे की राशि मंजूर कर दी है। हर मजदूर को पांच हजार रुपये की राशि दी जाएगी। अब तक 44 मजदूरों को मुआवजे की राशि का भुगतान हो चुका है। वर्ष 2013 में भीषण आपदा के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा को स्थगित करना पड़ा था। इस कारण यात्रा के लिए पंजीकृत घोड़े वालों (पोनी) और मजदूरों (पोर्टर्स) को काम नहीं मिल पाया। यह मामला लगातार शासन के सामने उठाया गया। अब जाकर सरकार ने मुआवजे की राशि जारी कर दी है।
तहसीलदार आईबी मल्ल ने बताया कि शासन को भेजी गई सूची में सिर्फ मजदूर ही शामिल किए गए थे। ऐसे 246 मजदूरों के लिए मुआवजे की राशि आ चुकी है। यात्रा के लिए घोड़े वालों ने भी पंजीकरण कराया था, लेकिन उनका नाम मुआवजा सूची में शामिल नहीं हो पाया है। पोनी-पोर्टर्स कल्याण समिति ने कहा कि 2013 की आपदा के समय 84 घोड़े वाले भी प्रभावित हुए थे।
उनका आरोप है कि तहसील प्रशासन ने शासन को जो सूची भेजी थी, उसमें घोड़े वालों का कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि 84 घोड़े वालों को भी मुआवजा मिलना चाहिए। पोनी-पोर्टर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष नृप सिंह गर्ब्याल ने बताया कि आपदा का असर घोड़े वालों और मजदूरों दोनों में पड़ा था। इस कारण मुआवजा दोनों को समान रूप से मिलना चाहिए। इधर, तहसील प्रशासन नए सिरे से प्रभावित घोड़े वालों की लिस्ट तैयार कर रहा है।