निलंबन प्रकरण पर पिथौरागढ़ कालेज में प्रदर्शन करते कर्मचारी
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उच्च शिक्षा निदेशक, दो प्राचार्यों, एक प्राध्यापक और एक उपनल कर्मचारी के खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई के विरोध में शनिवार को भी डिग्री कॉलेज के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि निलंबित कर्मचारियों को ससम्मान बहाल किया जाए और उनके खिलाफ जो आरोप तय किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाए। मांगें पूरी न होने पर कर्मचारी पांच फरवरी से बेमियादी हड़ताल शुरू करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में कहा गया कि शिक्षा मंत्री ने बिना सोच विचार के इतना बड़ा फैसला ले लिया। आरोप लगाया कि हल्द्वानी कॉलेज में एक छात्रा के प्रवेश के मुद्दे पर इतने अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाना पूर्वाग्रह से प्रेरित कदम है। कहा गया कि कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया के समय कर्मचारियों को कई प्रकार के दबाव झेलने पड़ते हैं। एक छात्रा के प्रवेश के मामले को शिक्षा मंत्री ने जिस तरह अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया है, उससे कर्मचारियों का असंतोष पनपना स्वाभाविक है। प्रदर्शन में सभी कर्मचारी शामिल हुए।
शनिवार को भी मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा मंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा गया। महाविद्यालय शिक्षक संघ (फुगटा) के अध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ल ने कहा कि शिक्षा मंत्री को कर्मचारियों के असंतोष का संज्ञान लेना चाहिए और बहाली के आदेश शीघ्र देने चाहिए। वहीं, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से कॉलेज का कामकाज प्रभावित हो रहा है। कॉलेज के कार्यालय का काम दो दिन से ठप है।