पिथौरागढ़। संड़कें बंद होने और मालवाहक वाहनों के लंबे रूट से सामान आने की वजह से ग्राहकों की जेब पर असर पड़ रहा है। सीमांत जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली पिथौरागढ़-टनकपुर सड़क के चंपावत जिले में बंद होने से खाद्य पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी हुई है। आटा, चावल सहित अन्य खाद्य पदार्थों के दाम में प्रति 10 किलो के कट्टे पर 15 से 20 रुपये तक बढ़ गए हैं। पीलीभीत मंडी से आने वाली सब्जियों के वाहन पिथौरागढ़ नहीं पहुंच पा रहे हैं।
खाद्य विक्रेताओं के मुताबिक फसलों के सीजन खत्म होने और मानसूनकाल में बार-बार सड़क बंद होने के कारण खाद्य पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि दालों और कुछ मसालों के दाम फिलहाल स्थिर है। सबसे अधिक आटा और चावल के दामों में प्रति 10 किलो के कट्टे पर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ आटा, चावल के दाम बढ़ने से गृहणियों का बजट गड़बड़ा गया है। स्थिति यह है कि खाद्य पदार्थ और सब्जियां सोच-समझकर खरीदनी पड़ रही हैं।
पीलीभीत मंडी से नहीं आ पा रही सब्जी
पिथौरागढ़ जिले में पीलीभीत और टनकपुर मंडी से ही अधिकतर सामान की आपूर्ति होती है। पीलीभीत से सब्जियां तो टनकपुर से खाद्यान्न और निर्माण सामग्री आती है। पिथौरागढ़-टनकपुर सड़क के बंद होने से वाहन नहीं आ पा रहे हैं। पिथौरागढ़ से पीलीभीत 280 किलोमीटर दूर है। प्रति क्विंटल 300 रुपये भाड़ा लगता है। स्वाला में सड़क बंद होने से हल्द्वानी होते हुए जाना पड़ रहा है। दूरी बढ़ने के कारण भाड़ा 500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच रहा है। इसके चलते व्यापारी पीलीभीत मंडी से सब्जी नहीं मंगवा रहे हैं। इसके अलावा टनकपुर से भवन निर्माण सामग्री के वाहन भी नहीं आ पा रहे हैं।
खाद्य पदार्थों के दामों का विवरण
खाद्य पदार्थ अभी पहले
आटा 350 330
चावल 470 450
कोट
कुछ खाद्य पदार्थों का सीजन नहीं है। इस कारण कुछ दिनों बाद खाद्य पदार्थों के दामों में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। - कमल बिष्ट, खाद्य पदार्थ विक्रेता, पिथौरागढ़