पर्दाफाश रैली को संबोधित करते हरक सिंह रावत
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पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के ज्यादातर कार्य उनकी चापलूसी करने वाले चहेते कर रहे हैं और ज्यादातर कार्य नदी नालों के किनारे ही हो रहे हैं, ताकि उनके चहेते ज्यादा से ज्यादा कमाई कर सकें। विकास कार्यों से हरीश रावत का कोई लेना-देना नहीं है। हरीश रावत के कई करीबी ऐसे हैं, जिनके पास कल तक साइकिल भी नहीं थी वे आज बीस-पच्चीस लाख की गाड़ियों में घूम रहे हैं।
हरक सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि आज उत्तराखंड में रावत ब्रांड शराब (डैनिश शराब) बिक रही हैं जो युवा पीढ़ी के लिए जहर के समान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तो गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों को तक नहीं छोड़ा और माफिया के हाथ इन धार्मिक धरोहरोें का बुरी तरह से दोहन किया। राष्ट्रपति शासन में अकेले हल्द्वानी की गौला नदी से एक माह में करोड़ों रुपये सरकार के खाते में जमा हुए हैं, मगर हरीश रावत के शासन में यह सारा धन कुछ मंत्रियों की जेब में जमा हो रहा है।
रविवार को यहां हुई पर्दाफाश रैली में भाजपाइयों ने राज्य सरकार पर जमकर गुबार उतारा। स्थानीय गांधी चौक पर भारी संख्या में एकत्र भीड़ ने भाजपा नेता हरक सिंह रावत का जोरदार स्वागत किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में एकत्र भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन किसी भी प्रकार की टकराव की स्थिति की आशंका से चाकचौबंद दिखा। हालांकि प्रशासन द्वारा पूर्व में ही राजनैतिक सभा को देखते हुए धारा-144 लगाई गई थी, मगर कार्यक्रम तय समय पर होने से कोई विवाद नहीं हुआ। आर्मी तिराहे से मंच तक कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और फूलों की वर्षा कर भाजपा नेता हरक सिंह रावत का स्वागत किया। भाजपा विधायक विशन सिंह चुफाल ने कहा कि हरीश रावत ने सांसद बनते ही सीमांत क्षेत्र में वन अधिनियम का काला कानून लागू कर सीमांत को वर्षों तक विकास से महरूम रखा, अब प्रदेश का मुखिया बनकर प्रदेश के वन संपदा का भारी दोहन कर प्रदेश को लूट रहे हैं।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलवंत भौर्याल ने कहा कि यदि आज सीमांत में कोई कार्य दिख रहा है तो वह है प्रधानमंत्री सड़क योजना, जो नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है। सभा को पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष देवीदत्त जोशी, जिलाध्यक्ष धन सिंह धामी, लोकेश भड़, उत्तम सिंह, खुशाल पिपलिया, बीडी जोशी, जगत मर्तोलिया ने संबोधित किया। सभा का संचालन जिला महामंत्री महेंद्र बुदियाल और कैलाश धामी ने किया।