पिथौरागढ़। क्लाइंबिंग बियोंड द् समीट्स का दो सदस्यीय दल नेपाल के माउंट अन्नपूर्णा अभियान के लिए रवाना हो गया है। देश की पहली महिला पर्वतारोही शीतल ने अन्नपूर्णा पर्वत के आरोहण के लिए कदम बढ़ाया है। उनकी सफलता के लिए लोग दुआ कर रहे हैं। अन्नपूर्णा पर्वत सबसे खतरनाक चोटियों में से एक है।
एवरेस्ट और कंचनजंघा जैसी चोटी पर सफलतापूर्वक देश का झंडा फहरा चुके योगेश गर्ब्याल इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। शीतल और पासंग शेरपा की जोड़ी फिर 8091 मीटर ऊंची चोटी पर देश का झंडा फहराने के लिए काठमांडो रवाना हो गई है।
सीबीटीएस संस्था के संस्थापक और उत्तराखंड के पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल ने कहा कि इस साल अन्नपूर्णा एक्सपीडिशन का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले इस चोटी पर सिर्फ छह भारतीय पहुंचे हैं। यह पहला मौका है कि कोई भारतीय महिला इस चोटी पर आरोहण के लिए जा रही है।
शीतल देश की पहली महिला होंगी जो दुनिया की 10वीं सबसे ऊंची चोटी पर भारत का झंडा फहराएंगी। इससे पहले भी शीतल के नाम कंचनजंघा चोटी पर सफलतापूर्वक आरोहण करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला का रिकॉर्ड दर्ज है। संस्था आने वाले समय मे दुनिया की सभी 14 चोटियों (जो 8000 मीटर से ऊंचाई पर स्थित है) पर अभियान के लिए जाएंगी।
पर्वतारोहण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास
पिथौरागढ़। सीबीटीएस संस्था पर्वतारोहण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर साल एक्सपीडिशन का आयोजन करती है। सितंबर 2021 में 12 महिला सदस्यों की टीम माउंट भागीरथी चोटी पर भी फतह करने के लिए निकलेगी।