प्राथमिक विद्यालय कोटली का जर्जर भवन।
- फोटो : PITHORAGARH
सरकारी स्कूलों की हालत कितनी खराब हो गई है, इसका अंदाजा राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटली (भट्टीगांव) की स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है। विद्यालय का भवन 11 साल पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। 7 साल तक क्षतिग्रस्त भवन में ही विद्यालय की कक्षाएं चलती रहीं। पिछले चार साल से गांव के पंचायत घर में कक्षाओं का संचालन हो रहा है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटली का भवन वर्ष 2008 में क्षतिग्रस्त हो गया था। 2014 तक क्षतिग्रस्त भवन में ही खतरे के साये में विद्यार्थी पढ़ते रहे। वर्ष 2015 से स्कूल की कक्षाएं पंचायत घर के एक कमरे में चलती हैं। कक्षा एक से कक्षा पांच तक की कक्षाएं एक कमरे में संचालित होने से शिक्षण व्यवस्था में तमाम तरह की दिक्कतें आ रही हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति लंबे समय से विद्यालय का नया भवन बनाने के लिए प्रस्ताव भेज रही है, लेकिन शिक्षा महकमे ने एक न सुनी। विद्यालय में 13 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल की बदहाली के कारण क्षेत्र के 10 बच्चे अन्य स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। स्कूल भवन न बनने से अभिभावकों में रोष है।
प्राथमिक विद्यालय कोटली का जर्जर भवन।- फोटो : PITHORAGARH