ारचूला-तवाघाट एनएच में आया विशालकाय बोल्डर। अमर उजाला
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शनिवार को धारचूला से आगे दोबाट में विशाल बोल्डर आने से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद हो गया। सड़क बंद होने से गबला देव मेले की तैयारियों को दांतू गांव जा रहे सैकड़ों लोग फंस गए। कई लोग धारचूला वापस लौट आए। सीमा सड़क संगठन ड्रिलिंग कर बोल्डर को तोड़ने का प्रयास कर रहा है। रविवार को ही सड़क खुलने की उम्मीद है।
पिथौराग-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर धारचूला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर दोबाट में शनिवार तड़के करीब 5 बजे पहाड़ी से बोल्डर आ गिरा। बोल्डर गिरते समय वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा तबाही का मंजर देखने को मिलता। सड़क बंद होने से रांथी, जुम्मा, स्यांकुरी, खेला, खेत, गर्गुवा, पांगला गांव के साथ ही दारमा, चौदास, व्यास घाटी को जाने वाले सैकड़ों ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़क बंद होने की सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला मौके पहुंचे। उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों को सड़क खोलने के लिए तेजी से प्रयास करने के निर्देश दिए। बीआरओ के कर्मचारी बोल्डर को तोड़ने के लिए ड्रिलिंग कर रहे हैं। दारमा दीलिंग सेवा समिति के महासचिव पूरन ग्वाल, गर्ब्यांग निवासी सतीश गर्ब्याल ने बताया कि दोबाट में मार्ग बंद होने से 18 अगस्त से दांतू में होने वाली गबला देव मेले की तैयारी को जा रहे अधिकांश लोगों को वापस लौटना पड़ा।
खेला निवासी कमला धामी का कहना था कि राखी की खरीददारी करने के लिए वह लोग सुबह घर से धारचूला के लिए निकले थे। इतना बड़ा बोल्डर गिरा है कि एक-दो दिन में भी मार्ग खुलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है। वह लोग जैसे-तैसे धारचूला तो पहुंच गए लेकिन घर वापसी में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उधर, थल-मुनस्यअरी मार्ग बनिक में मलबा आने से शुक्रवार की रात से बंद था। शनिवार सुबह 11 बजे सड़क में यातायात बहाल हुआ। नाचनी थाना पुलिस ने बनिक में लगातार गिर रहे मलबे को देखते हुए पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई है।