डीडीहाट(पिथौरागढ़)। विलुप्त हो रहे वनराजियों को बेहतर शिक्षा देकर इन्हें कंदराओं, गांवों से बाहर निकालते हुए समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के दावे दम तोड़ रहे हैं। आज भी सड़क का इंतजार कर रहे मदनपुरी, कूटा, चौरानी के वनराजि इसका प्रमाण हैं। वनराजि बाहुल्य इन गांवों को जोड़ने के लिए बन रही देवीसूना-कूटा गराली सड़क का निर्माण पिछले एक साल से अटका है। इस सड़क पर पुल का निर्माण शुरू तो किया गया लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। सड़क न होने से वनराजियों के लिए गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। देवीसूना-कूटा गराली सड़क का निर्माण पीएमजीएसवाई डीडीहाट के दिशानिर्देशन में हो रहा था। 21 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पीएमजीएसवाई अब तक डामरीकरण और कई जगह पर कटिंग का कार्य पूरा नहीं कर पाया है। वहीं एनपीसीसी मुनस्यारी की ओर से कुथलिया गाड़ में पुल निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है।
मदनपुरी, कूटा व चौरानी को जोड़ने वाली इस सड़क के पूरा न होने से वनराजि गांवों में कैद होकर रहने के लिए मजबूर हैं। सड़क न होने से इन गांवों में न तो रसोई गैस पहुंच रही है और न एंबुलेंस। ऐसे में इन गांवों के 50 से अधिक परिवारों के वनराजि दुश्वारियां झेलते हुए विकास पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। हालात यह है कि सिलिंडर सहित अन्य सामान गांव तक पहुंचाने के लिए उन्हें 400 रुपये भाड़ा चुकाना पड़ रहा है।
- बोले वनराजि
- गांव के लिए सड़क बनाते करीब पांच साल हो गए हैं। सड़क नहीं होने से हमारा गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सड़क होती तो हमें काफी राहत मिलती। -गुमान सिंह रजवार, वनराजि
- सड़क का निर्माण समय पर हो जाता तो हमें भी गांव में ही सिलिंडर मिल जाता। अभी सिलिंडर सहित अन्य सामान लेने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। -डिगर सिंह रजवार, वनराजि
- सड़क के निर्माण के लिए वनराजियों ने संघर्ष किया था। पांच साल के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो पाना सरकारी उदासीनता को दिखाता है। - महेश सिंह कन्याल, पूर्व ग्राम प्रधान, देवीसूना
- देवीसूना-कूटा-गराली मोटर मार्ग का निर्माण कार्य समय पर क्यों नहीं हुआ है इसके लिए दोनों विभागों से वार्ता की जाएगी। समय पर मोटर मार्ग को आम ग्रामीणों के लिए खोलने को निर्देशित किया जाएगा। - खुशबू पांडे, एसडीएम, डीडीहाट