भारत-चीन युद्ध पर आधारित फिल्म निर्माण की सूचना से यहां के युवाओं में भारी उत्साह है। सीमांत की रं जनजाति के 60 युवाओं को इस फिल्म में रोल मिलेगा। फिल्म की कहानी बार्डर फिल्म की तरह ही बनाने की तैयारी की जा रही है। 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था। इसमें कई सैनिकों ने वीरता का परिचय दिया था। रायफलमैन जसवंत सिंह की वीरता को लोग आज भी याद करते हैं। फिल्म में मुख्य कहानी जसवंत सिंह पर ही केंद्रित रहेगी। जबकि अन्य कलाकारों को भी रोल दिया जाएगा।
फिल्म का निर्माण निर्देशक विजय शर्मा करेंगे। स्थानीय स्तर पर लक्ष्मण सिंह बिष्ट को समन्वयक बनाया गया है। 1962 के युद्ध को हालांकि इस बार्डर पर नहीं लड़ा गया था लेकिन इस युद्ध से सीमांत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा। भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार इसी युद्ध के बाद बंद हुआ था। जो पूरे 30 साल बाद 1992 में शुरू हुआ। श्री बिष्ट ने बताया कि फिल्म में रोल के लिए शामिल किए जाने वाले कलाकारों का पहला आडीशन होगा। चीनी सैनिकों की भूमिका निभाने के लिए 60 जनजाति युवाओं का चयन किया जाएगा। बताया कि फिल्म की शूटिंग धारचूला के साथ बेड़ीनाग, मुनस्यारी में भी होगी। अगले महीने से फिल्म निर्माण शुरू हो जाएगा। श्री बिष्ट ने कहा कि प्रतिभा होने के बावजूद सीमांत के कई युवा अवसर न मिल पाने के कारण पिछड़ जाते हैं। इस फिल्म के माध्यम से युवाओं को राह मिल जाएगी।