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Pithoragarh News: थल पीएचसी में प्रसव बंद, गर्भवतियां बेहाल

Tue, 07 Jul 2026 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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थल(पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के कारण गर्भवती महिलाओं की जान जोखिम में पड़ गई है। थल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से दो महिला स्टाफ नर्सों का स्थानांतरण होने के बाद यहां प्रसव सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। इसके चलते अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए 60 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
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थल पीएचसी में पहले दो महिला और एक पुरुष स्टाफ नर्स तैनात थे। लंबे समय से महिला डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। महिला स्टाफ नर्सों के सहारे ही हर महीने औसतन 15 से 20 प्रसव होते थे। दोनों महिला स्टाफ नर्सों के स्थानांतरण से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। डीडीहाट, कनालीछीना और बेड़ीनाग विकासखंड की महिलाएं इस पीएचसी पर निर्भर थीं। अब पुरुष स्टाफ नर्स के सहारे प्रसव कराना मुश्किल हो रहा है।

ग्रामीण महिला चिकित्सालय में 22 साल से नहीं हैं महिला डॉक्टर
महिला उत्थान योजना के तहत थल पीएचसी में ग्रामीण महिला चिकित्सालय का वर्ष 2003 में संचालन हुआ। तब यहां महिला डॉक्टर की तैनाती भी की गई। सिर्फ एक साल के भीतर ही 2004 में महिला डॉक्टर का स्थानांतरण कर दिया गया। 22 साल बीतने के बाद भी ग्रामीण महिला चिकित्सालय को महिला डॉक्टर नहीं मिल सकी है। अब दोनों महिला स्टाफ नर्स का स्थानांतरण कर महिलाओं और गर्भवतियों की दिक्कत को और बढ़ा दिया गया है। संवाद
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बोली महिलाएं

पीएचसी में प्रसव की सुविधा न होना गंभीर है। दोनों स्टाफ नर्स के स्थानांतरण से प्रसव बंद हो गए हैं। इसके बाद भी सरकार और विभाग स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के झूठे दावे कर रहा है।
-पुष्पा भैसोड़ा, पूर्व प्रधान, अठखेत
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सरकार बेटी बचाओ की बात कर रही है। थल क्षेत्र के एकमात्र पीएचसी में महिलाओं का स्वास्थ्य रामभरोसे है। यहां तक कि गर्भवतियों को अस्पताल में प्रसव कराने की सुविधा नहीं मिल रही है जो सरकार की कार्यशैली पर सवाल है। -दीपा वर्मा, पूर्व प्रधान, थल

ग्रामीण महिला के नाम पर खोले गए अस्पताल में महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। महिला डॉक्टर की तो यहां तैनाती नहीं की गई। अब दोनों महिला स्टाफ नर्स का स्थानांतरण कर महिलाओं की परेशानी को बढ़ा दिया गया है। -हंसा बिष्ट, थल

स्टाफ की कमी से दिक्कत आ रही है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। कर्मियों की तैनाती होने पर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहतर होंगी। -डॉ. अर्पित, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी थल, गोचर
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