गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। गणाई गंगोली तहसील के तपोवन में बीते सोमवार की देर शाम टिप्पर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर घायल बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसके पिता ने भी दम तोड़ दिया था। पिता और पुत्र की मौत से परिवार में कोहराम है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
गणाई गंगोली के तपोवन में एक टिप्पर दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गया था। घटना में पभ्या निवासी चालक शिवराज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसमें सवार उसका पुत्र वैभव (9) और पुत्री दीक्षा (12) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को उपचार के लिए अल्मोड़ा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही वैभव ने भी दम तोड़ दिया।
दीक्षा अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रही है। एक साथ पिता और पुत्र की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
पिता-पुत्र की मौत से बुझे घर के सभी चिराग
- 70 वर्षीय देवकी देवी ने खोया बेटा और पोता
कुंदन मेहता
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। तहसील के पभ्या गांव निवासी शिवराज घर का इकलौता पुत्र था जो 70 वर्षीय वृद्ध मां, पत्नी, तीन बेटियों और एक पुत्र का एकमात्र सहारा था। सभी एक-दूसरे का दुख-दर्द बांटते हुए हंसी-खुशी जीवन के पल बिता रहे थे। एक घटना ने पूरे परिवार की खुशियां गम में बदल दीं। पिता-पुत्र की मौत से घर के सभी चिराग बुझ गए। बूढ़ी मां से उसका इकलौता पुत्र और पोता हमेशा के लिए जुदा हो गए।
पभ्या निवासी शिवराज सिंह के पिता की कई साल पहले मौत हो गई थी। वह 70 साल की मां देवकी देवी का इकलौता सहारा था। उसकी तीन पुत्रियां हिमानी, माही और दीक्षा का भी वैभव इकलौता भाई और मां अनीता देवी का इकलौता चिराग था।
बीते सोमवार को पिता शिवराज बेटी दीक्षा और बेटे वैभव को अपने टिप्पर वाहन में बैठाकर घर के लिए रवाना हुए। उसे यह मालूम नहीं था कि अब वह और उसका बेटा कभी घर नहीं पहुंच पाएगा। टिप्पर खाई में गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
गंभीर रूप से घायल बेटे को उपचार के लिए अल्मोड़ा ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही वह भी काल के गाल में समा गया। परिजन उनके घर पहुंचने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उन्हें पिता-पुत्र के मौत की सूचना मिली।
दो माताओं से उनके सहारे छिन गए। बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया और भाई का हमेशा के लिए साथ छूट गया। पति और पुत्र की मौत से अनीता देवी बदहवास है तो बूढ़ी मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। दोनों बहनें किसी तरह मां और दादी को ढांढस बंधा रही हैं। संवाद
-
घायल को पता नहीं पिता और भाई छोड़ गया साथ
गणाई गंगोली। टिप्पर वाहन दुर्घटना में घायल दीक्षा का उपचार चल रहा है। वह अब भी जीवन और मौत से संघर्ष कर रही है। उसे यह मालूम नहीं है कि अब उसके पिता और भाई इस दुनिया में नहीं है और वे उसका हमेशा के लिए साथ छोड़ गए हैं। इस दुखद घटना से हर किसी की आंख नम है। संवाद
अनीता पर आई सास और तीन बेटियों की जिम्मेदारी
गणाई गंगोली। अनीता टिप्पर चालक पति के साथ परिवार के पालन की पूरी जिम्मेदारी संभाल रही थी। खेती-बाड़ी और दुग्ध उत्पादन से पति का सहयोग कर रही थी। अचानक घटी घटना में पति और पुत्र का साथ छूट गया। अब उस पर बूढ़ी सास के साथ तीन बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी है।
तीन बेटियों में से एक बेटी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। पति और पुत्र की मौत से पूरी तरह टूट चुकी अनीता के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं है। संवाद
फोटो