सोच संस्था की ओर से तल्ला छारछुम से चलो अपना गांव संवारे अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान ग्रामीणों से सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
सोसायटी फॉर एक्शन इन हिमालया (सोच) संस्था के अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने बताया कि अभियान में नशा मुक्ति, स्वच्छता, शिक्षा, संस्कार, सीमा क्षेत्र की सुरक्षा आदि दस विषयों पर विशेष फोकस किया है।
जन सहयोग से चलने वाले इस अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने ग्रामीणों के साथ सभी विषयों पर वार्ता की। राज्य बनने के 18 साल बाद भी गांवों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। शिक्षकों के अभाव में नौनिहालों का भविष्य चौपट हो रहा है। ऐसे दौर में ग्रामीण समाज की एकता ही समाज को नई दिशा दे सकती है। लोगों से कूड़े में आग नहीं लगाने की अपील करते हुए कहा कि इससे हिमालय को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कूड़े का निस्तारण समुदाय के सहयोग से करने की अपील की।
नव युवक मंगल दल के अध्यक्ष जयेंद्र फिरमाल ने युवा पीढ़ी के नशे की गिरफ्त में आने पर चिंता जताई। महिला मंगल दल की अध्यक्ष मंशा देवी ने ऊंनी हस्तशिल्प को उद्योग का दर्जा देते हुए बुनकरों को कच्चा माल मुहैया कराते हुए उसके विपणन की जिम्मेदारी उठाने की बात रखी।
इस मौके पर रं यूथ फोरम के अध्यक्ष पूरन ग्वाल, दिनेश चलाल, नेत्र फिरमाल, विनीता देवी, मधु, बीना, देवकी ने विचार रखे। निगालपानी में हुई दूसरी बैठक में मर्तोलिया ने ग्रामीणों से सामाजिक चेतना में अपना योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर वीरेंद्र दुग्ताल, श्याम लाल, करन सिंह, तिला रामजस राम, तेजी देवी, हर्षा, शीला, मीना, सुमन आदि मौजूद रहे।