मुनस्यारी में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण।
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ग्राम सभा सेरासुरईधार, खसियाबगड़ और चेटीचिमला की सिंचाई नहर ध्वस्त होने से ग्रामीणों को खेतों की सिंचाई के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ध्वस्त सिंचाई नहर का पुनर्निर्माण कराए जाने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने कहा है कि उक्त तीनों गांवों में करीब 150 परिवार निवास कर रहे हैं। ग्रामीण पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं। ग्राम सभा की ओर से खेतों की सिंचाई के लिए नहर का निर्माण किया गया था। इससे सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध हो जाता था। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और आपदा के चलते तीनों गांवों की सिंचाई नहर ध्वस्त हो गई है। इसके चलते ग्रामीणों की खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।तीनों गांवों की खेती सेरासुरईधार में होती है।
कई बार कहने के बाद भी क्षतिग्रस्त नहर का सुधार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र सिंचाई नहर का निर्माण नहीं किया गया तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में धन सिंह खत्री, पूरन चंद्र जोशी, हीरा सिंह ढोकटी, किशन भंडारी, पुष्पा देवी आदि शामिल थे।