पिथौरागढ़। सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने मानेदय, लंबित बिलों के भुगतान, दाल और नमक का जबरदस्ती चालान लगाना बंद करने की मांग पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग उन्हें लगातार धोखा दे रहे हैं। अब वे झांसे में नहीं आएंगे। शीघ्र मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे राशन की दुकानों पर ताला लगाकर त्यागपत्र दे देंगे।
जिले भर के सस्ता गल्ला विक्रेता जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचे और सरकार, विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। विक्रेताओं ने कहा कि सरकार के पास करोड़ों रुपये की ई-पाश मशीनें लगाने के लिए बजट है। इन मशीनों के सुधारीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए हैं। उन्हें मानदेय देने के लिए सरकार बजट का रोना रो रही है। कहा कि पूर्व में हुए आंदोलन के बाद सरकार ने जिला पूर्ति अधिकारी के खाते में लंबित बिलों के भुगतान के लिए धनराशि डाल दी थी। चार महीने बाद भी उनके खातों में यह राशि नहीं डाली गई है।
बाजार में सस्ता होने से उपभोक्ता सस्ता गल्ला की दुकानों से नमक और दाल नहीं खरीद रहे हैं। इसके बाद भी विभाग जबरदस्ती इसका चालान लगाकर उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। सरकार ऑनलाइन राशन बांटने का दबाव उन पर बना रही है लेकिन उन्हें बिलों, भाड़े का ऑनलाइन भुगतान नहीं किया जा रहा है। कहा कि महीने की अंतिम तिथि को उन्हें इसका ऑनलाइन भुगतान होना चाहिए।
सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने कहा कि सरकार उनके आंदोलन को समाप्त करने के लिए उन्हें झूठे आश्वासन देते रही है। चेतावनी दी कि जल्द सभी मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे इस्तीफा देकर दुकानों में ताले लगा देंगे। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे, हेमंत टोलिया, मनोज कापड़ी, कैलाश जोशी, ललित महर, कमल टम्टा, विजय कापड़ी, श्याम सिंह, बलवंत सिंह, शिव लाल, रमेश कुमार, भगवती प्रसाद, हेम जोशी, महिमन भट्ट, प्रमोद खनका, भुवन सिंह, कैलाश उप्रेती रहे।