थल-मुनस्यारी सड़क पर डोर के पास गिरे बोल्डर।
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सोमवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग दोबाट, ऐलागाड़ समेत कई स्थानों में मलबा गिरने और सड़क क्षतिग्रस्त होने से बंद रहा। कैलाश की यात्रा पर जा रहे 14वें के 58 यात्री चार घंटे तक फंसे रहे। उधर, थल-मुनस्यारी सड़क डोर के पास बोल्डर गिरने से तीन स्थानों में क्षतिग्रस्त हो गई। पिथौरागढ़-धारचूला सड़क कनालीछीना के पास गुड़ौली में मलबा आने से सुबह एक घंटे तक बंद रही।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात को तवाघाट-पांगला मार्ग एलागाड़, दोबाट, पांगला, गर्भाधार के साथ ही कई स्थानों में पहाड़ी दरकने से बंद हो गया था। वाहन स्वामी राजेंद्र सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर सड़क टी टूट गई थी। सुबह करीब 10 बजे सड़क से मलबा हटाया जा सका। इसके बाद यात्री आगे बढ़े। कैलाश मानसरोवर यात्रा के सहायक यात्राधिकारी धन सिंह धामी ने बताया कि सड़क बंद होने से कैलाश मानसरोवर यात्री 4 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे नजंग पहुंच पाए। धारचूला की रमतोली-गलाती-धामीगांव सड़क मलबा आने से रविवार से बंद पड़ी है।
नाचनी से मिली जानकारी के अनुसार क्वीटी से आगे डोर के पास सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे भारी मात्रा में मलबा थल-मुनस्यारी सड़क पर आ गिया। इस कारण यह सड़क तीन स्थानों ंमें बंद होने के साथ ही क्षतिग्रस्त हो गई। लोनिवि ने जेसीबी, डोजर लगाकर सड़क खोलने का काम शुरू किया। सड़क में भारी बोल्डर गिरे होने के कारण सड़क को खोलने में दिक्कत आई। शाम सात बजे तक भी सड़क में यातायात बहाल नहीं हुआ था। उधर, मुनस्यारी के जाराजीबली को जाने वाली सड़क मलबा आने से कई स्थानों पर बंद थी। वाहन संचालकों ने मलबा हटाया।