तेजम में इसी पटवारी चौकी में खोली गई तहसील। संवाद
नाचनी( पिथौरागढ़)। आठ वर्ष पूर्व खोली गई तेजम तहसील में स्टाफ नहीं है। लोगों को आज भी प्रमाण पत्रों के लिए मुनस्यारी की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे क्षेत्र के लोगों में भी रोष है। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत जनता के अनुरोध पर तेजम पहुंचकर तहसील की घोषणा की थी। 24 नवम्बर 2016 को शासनादेश जारी करते हुए पटवारी चौकी में तहसील कार्यालय खोला गया। तहसील खुलने के बाद आज तक यहां स्थाई तहसीलदार की नियुक्ति नहीं की गई।
थल और मुनस्यारी के तहसीलदारों को ही तेजम का भी प्रभार दिया जाता रहा है। वर्तमान में तहसील में एक कंप्यूटर ऑपरेटर और तीन होमगार्ड तैनात हैं। सरकार ने तेजम को तहसील तो बना दी लेकिन यहां से आज तक एक भी प्रमाणपत्र जारी नहीं नहीं हुआ। क्षेत्र के लोगों को अपना समय और धन बर्बाद कर प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कार्यों के लिए मुनस्यारी जाना पड़ता है। तहसील में तहसीलदार, रजिस्टार कानूनगो, प्रसाशनिक अधिकारी, संग्रह अमीन के अलावा तमाम पद रिक्त हैं। तहसील खुलने का क्षेत्र के लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पाया। इससे लोगों में भी खासी नाराजगी है।
कोट:
तल्लाजोहार की जनता की परेशानियों को देखते हुए मेरे अनुरोध पर तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तेजम में तहसील खोली। तहसील खुलते ही 2017 में भाजपा की सरकार आ गयी। भाजपा ने तहसील को बदहाल बना दिया। - हरीश धामी, विधायक धारचूला।