पिथौरागढ़। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने संसद में प्रस्तुत परिसीमन विधेयक पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि यह विधेयक उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और हिमालयी राज्यों के अस्तित्व को संकट में डाल देगा।
यूकेडी नेता और पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने एक प्रेस बयान में कहा कि यह विधेयक हिमालयी राज्यों के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने बताया कि इन राज्यों में भौगोलिक क्षेत्र और जनसंख्या के बीच संतुलन नहीं है। ऐरी ने जोर दिया कि हिमालयी राज्य देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और पर्यावरण व जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, इन राज्यों के लिए परिसीमन विधेयक में विशेष प्रावधान होने चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि विधेयक के मौजूदा स्वरूप में उत्तराखंड विधानसभा में मैदानी क्षेत्रों को 57 सीटें मिलेंगी जबकि पहाड़ी क्षेत्रों को केवल 35 सीटें ही मिल पाएंगी। यूकेडी इस मुद्दे पर पूरे पहाड़ में आंदोलन छेड़ेगी और अन्य हिमालयी राज्यों से भी बातचीत कर विरोध करेगी। पार्टी गांव-गांव जाकर जनता को एकजुट करेगी।