मुख्य विकास अधिकारी के आश्वासन पर पंचायत प्रतिनिधियों ने चार दिन से जारी आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी से दो घंटे तक चली वार्ता के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने अनशन समाप्त किया।
रविवार को मुख्य विकास अधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी और उपजिलाधिकारी जयभारत सिंह ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों से बात की।
सीडीओ ने कहा कि नियम विरुद्ध काम करने वाले ब्लाक स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। नियोजन समितियों को भंग करने के संबंध में उन्होंने कहा कि जल्द ही सदन की बैठक बुलाकर इस पर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। श्री गोस्वामी ने खंड विकास अधिकारी सुभाष पंत को निर्देश देते हुए कहा कि मनरेगा के धन का सभी ग्राम पंचायतों में समान वितरण करें। सीडीओ ने कहा कि सदन में पंचायत सदस्यों द्वारा उठाई जाने वाली समस्याओं पर विभाग की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी 25 फरवरी की बैठक में दी जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने विकासखंड के लेखकार, लघु सिंचाई के अवर अभियंता, सिंचाई के सहायक अभियंता को स्थानांतरित करने की मांग पर 15 दिन में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। तब जाकर सीडीओ और उपजिलाधिकरी ने अनशन पर बैठे गोविंद बोरा, जसपाल सिंह देउपा, मनोज मेहता, गुलाब बोरा को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
इस दौरान ज्येष्ठ प्रमुख अजीत पाल सिंह डसीला, बीडीसी सदस्य विनोद सत्याल, देवकी देवी, धाना देवी, नंदा देवी, नरेंद्र लाल, पूरन राम, जीवन बोरा, धाना चुफाल, ग्राम प्रधान चंदन देउपा, तनुजा देवी, बहादुर राम, मोहन राम, रजनी देवी, गीता कन्याल, आशा देवी, जानकी देवी आदि मौजूद थे