जिला प्रशासन ने पेयजल संकट को लेकर विभागीय सक्रियता पर नजर रखने के लिए जल संस्थान के कंट्रोल रूम में सीसीटीवी लगाने और कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर में वायस रिकार्डर लगाने के निर्देश दिए हैं।
ग्रीष्मकालीन जल संकट को लेकर जल संस्थान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी आशीष कुमार चौहान ने जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल संकट वाले इलाकों में टैंकरों के पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि पेयजल किल्लत से निपटने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। चौैहान ने कंट्रोल रूम को सीसीटीवी से कवर करने और टेलीफोन में वायस रिकार्डर लगाने के निर्देश जल संस्थान को दिए। कहा कि इससे कंट्रोल रूम की सक्रियता का आकलन आसानी से हो सकेगा। कहा कि कंट्रोल रूम में दर्ज होने वाली शिकायत का निपटारा शीघ्र होना चाहिए। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना को पेयजल किल्लत वाले इलाकों का स्वयं जायजा लेने को कहा।
प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में पानी की किल्लत से निपटने के लिए 8 जोन बने हैं। प्रत्येक जोन में एक सहायक अभियंता को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने नोडल अधिकारियों को पेयजल किल्लत वाले स्थानों पर टैंकर और पिकप वाहन से पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी क्षेत्र से लापरवाही की शिकायत नहीं आनी चाहिए। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।