प्राथमिक स्कूल जारा में पत्थरों पर लिखे गए शब्द
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धारचूला तहसील के दूरस्थ प्राथमिक स्कूल जारा में तैनात शिक्षक रमेश चंद्र जोशी उर्फ सत्यम जोशी ने बच्चों को पढ़ाने का नया तरीका निकाला है। उन्होंने स्कूल परिसर पर बिखरे रहने वाले पत्थरों को एकत्र कर पहले उनमें पेंट किया। फिर उनमें अ, आ, क, ख से लेकर अंग्रेजी के ए, बी, सी, डी शब्द लिख दिए। अब वह बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाते समय इन पत्थरों की ही मदद लेते हैं।
यदि बच्चे को ए फॉर एप्पल लिखना हो तो वह इस स्पेलिंग में आने वाले पत्थरों को एकत्र कर शब्द तैयार कर लेगा। सत्यम जोशी बताते हैं कि स्कूल के आसपास चपटे किस्म के कई छोटे पत्थर बिखरे हुए थे। उन्होंने सोचा कि क्यों न इन पत्थरों का पढ़ाने में उपयोग किया जाए।
वह बताते हैं कि स्कूल परिसर में बिखरे यह पत्थर अब पेंट और रंग लगने से बेहद खूबसूरत नजर आते हैं। स्कूल परिसर की शोभा को खराब कर रहे यह पत्थर अब बच्चों को नया संदेश देने में मददगार बन रहे हैं। बच्चे भी इन लिखे हुए पत्थरों को एकत्र कर रोज नया शब्द तैयार कर लेते हैं। सत्यम जोशी का कहना है कि खेल-खेल में पढ़ाने का यह अपने आप में अनूठा और पहला प्रयास है। वह इस प्रयोग की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को देंगे और निरीक्षण कराएंगे। ताकि अन्य स्कूलों में भी इस तरह का प्रयोग किया जा सके।
आठ किमी की पैदल दूरी पर है स्कूल
प्राथमिक स्कूल जारा जाने के लिए आठ किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। इतने दुर्गम स्कूल पर तैनात सत्यम जोशी बच्चों की पढ़ाई पर बेहद ध्यान देते हैं। वह कहते हैं कि कभी-कभी एक छोटा सा प्रयोग भी शिक्षा को नई दिशा देने में मददगार साबित हो जाता है।