जिला मुख्यालय से सटे जाख ग्राम पंचायत की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण की सीख देने वाली नजीर पेश की है। महिलाओं ने पेयजल के भंडार माने वाले धूरा तोक के एक वर्ग किलोमीटर के जंगल को सदा के लिए लोक देवता कैलपाल को चढ़ा दिया है। लोग अब इस जंगल का कभी विदोहन नहीं करेंगे।
धूरा तोक के जंगल का जाख के लोगों के साथ ही आसपास के गांवों के लिए बढ़ा महत्व है। धूरा तोक का यही जंगल जाख के लोगों की प्यास बुझाता है।
इसी जंगल से निकलने वाली जलधाराएं जाख के लोगों के जीने का आधार हैं। गांव से दूर होने के कारण जाख के लोग जंगल पर सटीक निगरानी नहीं रख पाते, नतीजा अन्य क्षेत्र के लोग जंगल का विदोहन करने लगे। तमाम उपायों के बाद भी जब जंगल सुरक्षित होता नहीं दिखा, जाख गांव की महिलाओं ने धूरा तोक के जंगल को बचाने के लिए इलाके के शक्तिशाली लोक देवता कैलपाल को जंगल अर्पित करने की ठान ली।
गांव की उप प्रधान राजेश्वरी देवी ने इस मुहिम को अपने हाथ में लिया। गांव की दीपा देवी, रेखा देवी, कलावती देवी, सीमा देवी, पुष्पा देवी, हंसी देवी, ज्योति गिरी, हरिप्रिया आदि महिलाओं ने राजेश्वरी के कंधे से कंधे मिलाया। ग्राम पंचायत के लोगों को विश्वास में लेकर धूरा तोक का एक वर्ग किलोमीटर में फैला जंगल सदा के लिए लोक देवता को चढ़ा दिया। धूरा तोक के जंगल में कैलपाल देवता के नाम के झंडे लगा दिए गए हैं।
लोगों का कहना है कि जो कोई जंगल का विदोहन करेगा, उसे कैलपाल देवता के कोप से सामना करना होगा।