प्रशासन ने अब विभिन्न रूटों में संचालित होने वाली टैक्सियों एवं जीपों का किराया तय करने और किराए की सूची हर वाहन में चस्पा करने का फैसला लिया है। इसके अलावा रोज लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए कुछ ठोस कदम उठाने की भी रणनीति बनाई गई है। रोड के किनारे निर्माण सामग्री रखने और दुकानों के आगे सामान फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमर उजाला ने लगातार दो दिन तक नगर में लग रहे जाम पर रिपोर्ट छापी थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया है।
एसडीएम संतोष कुमार पांडे और सीओ हिमांशु साह की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा गया कि बेतरतीब खड़े रहने वाले वाहनों को व्यवस्थित किया जाएगा। टैक्सी स्टैंड पर अब पेंट की पट्टी लगाई जाएगी। उससे बाहर वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई होगी। मनमाने ढंग से विभिन्न रूटों पर चलने वालों पर अंकुश लगाया जाएगा। टैक्सियों के लिए सवारी उठाने और स्कूल बसों के लिए निश्चित स्टॉपेज बनाए जाएंगे। अब प्रशासन ने पूरा ध्यान नगर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में लगाने का फैसला लिया है।
तय हुआ कि ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा के लिए अगली बैठक 10 नवंबर को नगरपालिका हाल में होगी। उसमें यातायात सलाहकार समिति, व्यापार संघ, जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा। शुक्रवार को हुई बैठक में कोतवाली के उपनिरीक्षक एसएस कुशवाहा, यातायात प्रभारी दरबान सिंह, यातायात सलाहकार समिति के सदस्य जनक जोशी, कमल पुनेड़ा, आशीष सौन, मनीष चौधरी, गिरीश जोशी, त्रिलोक महर आदि थे।