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व्यापार जल्द बंद होने पर होगा नुकसान

Sun, 02 Oct 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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तिब्बत की मंडी तकलाकोट में एक दुकान में सजा भारतीय सामान - फोटो : अमर उजाला
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भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार के समय से पहले बंद होने पर इस बार आयात-निर्यात में कमी आ जाएगी। तिब्बत की मंडी से अब तक मात्र 55 लाख 25 हजार 499 रुपये मूल्य का सामान आयात हुआ है और व्यापारी 2 करोड़ 84 लाख 68 हजार 362 रुपये मूल्य का सामान तिब्बत को निर्यात कर चुके हैं। निर्यात किया गया सारा सामान तिब्बत की मंडी में डंप पड़ा है। अक्तूबर में व्यापार में गति आने की उम्मीद रहती है, लेकिन सीमा पर अशांति और खराब मौसम को आधार मानते हुए व्यापार को 15 अक्तूबर को बंद करने का आदेश जारी हुआ है। इससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। उधर, प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि फिलहाल व्यापार की अवधि 15 अक्तूबर तक ही बढ़ाई गई है। तिब्बत से इस बार करीब डेढ़ करोड़ रुपये के आयात और 3.5 करोड़ रुपये के निर्यात की उम्मीद लगाई गई थी।
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वैसे व्यापार की अवधि 31 अक्तूबर तक रहती है। भारत-तिब्बत व्यापार के ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि व्यापार को 15 दिन पहले समेटने के पीछे मुख्य कारण एक तो सीमा पर तनाव की स्थिति और दूसरा उच्च हिमालयी क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से मौसम खराब होना है। यदि बर्फबारी हुई तो व्यापारियों को लौटने में दिक्कत हो सकती है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों को 31 अक्तूबर तक व्यापार संचालन के हिसाब से ही परमिट जारी किए गए हैं, लेकिन अब व्यापारियों को 15 अक्तूबर तक वापस आना पड़ेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि हालातों में सुधार आता है तो व्यापार की अवधि में परिवर्तन किया जा सकता है।

वहीं, व्यापारियों का कहना है कि अभी कई लोगों का सामान पूरी तरह से नहीं बिका है। ऐसे में व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। सितंबर में तकलाकोट में खेतीबाड़ी का काम ज्यादा रहता है। खरीदार अक्तूबर में ही मंडी की ओर निकलते हैं, यदि ठीक बिक्री के समय तकलाकोट मंडी छोड़नी पड़ी तो इससे गंभीर समस्या आ जाएगी।
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भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सदस्य दौलत रायपा ने कहा कि समय से पहले वापस आने से व्यापारियों को पूरा सामान बेचने में परेशानी होगी। भारत-तिब्बत व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन रौंकली का कहना है कि अक्तूबर अंत तक ही सारे व्यापारियों का सामान बिक पाता है तथा चीन से तकलाकोट आने वाले व्यापारी भी अक्तूबर में ही अपना सामान लेकर आते हैं, इससे खरीदारी में भी लाभ मिलता है। 
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