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करोड़ों की लागत से बनी सरकारी बिल्डिंग खंडहरों में हो रही है तब्दील

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ीडीहाट में खंडहर में तब्दील होता करोड़ों का सरकारी भवन। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। वर्ष 2007 में स्वीकृत 2.08 करोड़ की राशि मिलने के बाद भी आज तक तहसील के आवासीय भवनों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। अधर में लटके ये भवन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। आवासीय भवनों का निर्माण कार्य पूरा न होने से कर्मचारी वर्ष 1965 में बने भवनों में रहने को मजबूर हैं।
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वर्ष 2007 में राजस्व परिषद के जरिये से डीडीहाट के एसडीएम कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय, एसडीएम आवास व तहसील के कर्मचारियों के लिये आवासीय भवन बनाने के लिये 2.08 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इन भवनों को बनाने का जिम्मा यूपी निर्माण निगम को दिया गया। उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने 2007 से 2014 तक तहसील कार्यालय व एसडीएम के आवासीय भवनों का निर्माण कार्य किया। परंतु तहसील के कर्मचारियों के लिए बनाए जा रहे इन आवासीय भवनों को आधा अधूरा छोड़ दिया। चार साल से निर्माणाधीन भवनों का निर्माण कार्य रुका हुआ है। अब ये भवन पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कर्मचारी वर्ष 1962 में बने भवनों में रहने को मजबूर हैं। बारिश में इन पुराने भवनों की छत टपकती है। एसडीएम केएन गोस्वामी ने कहा कि अधूरे भवन की रिपोर्ट राजस्व परिषद को सौंपी गई है। संस्था पर कार्रवाई करने का अधिकार राजस्व परिषद को ही है।
सीएचसी के आवासीय भवन बने खंडहर
पिथौरागढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डीडीहाट में करोड़ों की लागत से बने आवासीय भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। इन भवनों में कोई नहीं रहता है। चिकित्सकों के लिए बनाए गए ये भवन बेहद खराब स्थिति में हैं। आवासीय भवनों के दरवाजे, खिड़कियां भी पूरी तरह से टूटी हुई हैं। विधायक विशन सिंह चुफाल का कहना है कि तहसील के अधूरे आवासीय भवनों और अस्पताल के जर्जर हो रहे भवनों का मुद्दा विधानसभा में उठाएंगे।
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