जर्जर हालत में पहुंचा बसंतकोट विद्यालय का भवन
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इस तहसील के प्राथमिक विद्यालय बसंतकोट का भवन किसी भी समय गिर सकता है। भवन की छत पर लगे टिन और लकड़ी सड़ गई है। बारिश के समय हर कमरा पानी से लबालब भर जाता है। भवन के कमरे बैठने लायक नहीं हैं। ऐसे जर्जर भवन में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक भारी चिंता में हैं। विद्यालय में 20 बच्चे पढ़ते हैं।
शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों की सूची तो तैयार की है, लेकिन किसी भी भवन के लिए मरम्मत का पैसा नहीं आया है। अधिकारी खुद ही चिंता में हैं कि ऐसे जर्जर भवनों में कैसे पढ़ाई कराई जाए। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बुधवार को तहसील मुख्यालय आकर तहसीलदार को भवन की जर्जर हालत की जानकारी दी। कहा कि भवन की मरम्मत न होने पर बड़ा खतरा हो सकता है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के इस विद्यालय की हालत देखने के लिए अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। यदि ग्रामीण जनप्रतिनिधि और विद्यालय प्रबंध समिति के लोग कोई पत्र देते हैं तो उसमें भी कोई गौर नहीं किया जाता।
उन्होंने तहसीलदार को जर्जर भवन के फोटो भी उपलब्ध कराए। तहसीलदार खुशाल राम ने कहा कि भवन की मरम्मत का प्रस्ताव बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को कहा गया है। उन्होंने प्रबंध समिति के सदस्यों से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा का ध्यान दें और बारिश के समय बच्चों को इस भवन के कमरों में न बैठाया जाए।