म्यार पिथौरागढ़ में आइनाक भाई, बैणियो, आमा, बूबू, नानतिनो नमस्कार, पैलाग। ठेठ सोरियाली वाक्य से अपना भाषण शुरू किया प्रधानमंत्री मोदी ने। प्रधानमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले के देवी, देवताओं का अभिनंदन कर लोगों के दिलों को छूने की कोशिश की। पिथौरागढ़ को उत्तराखंड का कश्मीर कहकर सोरघाटी की सुंदरता का बखान करने से भी पीएम मोदी नहीं चूके।
मोदी ने संबोधन की शुरुआत म्यार पिथौरागढ़ में आइनाक भाई, बैणियो, आमा, बूबू, नानतिनो नमस्कार, पैलाग से की। अर्थात् मेरे पिथौरागढ़ में आए भाई, बहनों, दादा, दीदी और बच्चों नमस्कार, प्रणाम। प्रधानमंत्री ने जिस उद्देश्य से कुमाऊंनी भाषा का प्रयोग किया, निशाने पर सटीक लगा। जैसे ही लोगों ने प्रधानमंत्री के मुंह से कुमाऊंनी वह भी पिथौरागढ़ की स्थानीय बोलचाल की भाषा में शब्द सुने, तो भीड़ मोदी-मोदी कहने लगी।
प्रधानमंत्री इतने में ही नहीं रुके, उन्होंने पहाड़ को मां पूणार्गिरि, गोलज्यू, हाट कालिका, कोटगाड़ी देवी की पावन धरती कहकर संबोधित किया। देवभूमि शब्द तो उनके भाषणों में कई बार सुनाई दिए। पिथौरागढ़ को उत्तराखंड का कश्मीर कहकर प्रधानमंत्री ने सुंदर सोर की तारीफ की। प्रधानमंत्री का कुमाऊंनी, वह भी ठेठ पिथौरागढ़ की बोली के प्रयोग की चर्चा रैली से वापस लौटते समय भी लोग करते दिखेे।
मोदी ने 21 बार बोला भाइयों, बहनों
प्रधानमंत्री मोदी ने पिथौरागढ़ में 47 मिनट के भाषण के दौरान 21 बार भाइयों, बहनों शब्द का प्रयोग किया। मित्रों शब्द का प्रयोग पिथौरागढ़ में दिए गए संबोधन में सुनाई नहीं दिया। पीएम मोदी ने 4 बार मेरे फौज के परिवारों शब्द का प्रयोग किया। प्रधानमंत्री ने दो बार निकम्मी सरकार कहकर संबोधित किया। पीएम के पहुंचने से पहले जब केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा और डीडीहाट से भाजपा के प्रत्याशी विशन सिंह चुफाल बोल रहे थे तो उन पर भी पीएम मोदी के उद्बोधन का असर दिखा। टम्टा और चुफाल ने भी जनता को कई बार भाइयों, बहनों शब्द से संबोधित किया।