पर्यटन सीजन शुरू होते समय मुनस्यारी में पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। सड़क की मरम्मत के दौरान लगाई गई जेसीबी से पेयजल लाइन टूट गई है और नगर की पेयजल सप्लाई ठप हो गई है। लाइन टूटने से सबसे गंभीर संकट अस्पताल रोड और नंदादेवी मार्ग वाले इलाके में हो गया है। करीब पांच हजार की आबादी को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लाइन को शिफ्ट किए बगैर सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद नहीं है। लोगों ने यह मामला पहले भी लोनिवि और जल संस्थान के अधिकारियों के सामने रखा था, लेकिन कोई गौर नहीं किया गया।
मुनस्यारी नगर के लिए पेयजल की कोई लिफ्ट योजना नहीं है। पानी को स्रोतों से एकत्र कर बांटा जाता है, यदि एक लाइन भी टूट गई तो पूरे नगर का सिस्टम प्रभावित हो जाता है। आसपास प्राकृतिक स्रोत बहुत कम हैं। इस कारण लोगों की दिक्कत ज्यादा बढ़ रही है। शनिवार को लोगों ने एसडीएम वैभव गुप्ता को ज्ञापन दिया। मांग की कि तत्काल टूटी हुई पेयजल लाइन को दुरुस्त किया जाए। एसडीएम ने कहा कि लाइन तोड़ने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि पानी की लाइन तोड़ने वाले ठेकेदार को ही इसकी मरम्मत करनी होगी। ज्ञापन देने वालों में कैलाश धामी, प्रेम राम, प्रेम सिंह बृजवाल, गिरीश त्रिपाठी, पूरन लसपाल, कौस्तुभानंद त्रिपाठी आदि शामिल थे।
जिला मुख्यालय में भी संकट जारी
पिथौरागढ़। डीएम के सख्त निर्देश के बाद जल संस्थान ने पिथौरागढ़ नगर की पेयजल सप्लाई सामान्य करने की तैयारी तो की है, लेकिन अभी कई इलाकों में संकट बना है। जीआईसी रोड, लुंठ्यूड़ा में पेयजल की सप्लाई कम होने से उपभोक्ता नाराज हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि तत्काल व्यवस्था में सुधार लाया जाए। अभी से संकट गहराने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
बेड़ीनाग में दो दिन बाद हो रही सप्लाई
बेड़ीनाग। बेड़ीनाग में पेयजल की सप्लाई दो दिन बाद हो रही है। गोरघटिया पंपिंग पेयजल योजना से नाममात्र का पानी लिफ्ट हो रहा है। इस कारण रोज पानी दे पाना संभव नहीं हो रहा है। पस्तोला और झलतोला योजनाएं प्राकृतिक स्रोतों से बनी हैं, लेकिन दोनों स्रोतों में पानी न्यूनतम स्तर पर आ गया है, इनसे भी पानी नहीं मिल पा रहा है। आसपास के प्राकृतिक स्रोत धीरे-धीरे सूखने लगे हैं। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह के अनुसार पेयजल का संकट बढ़ने लगा है। आने वाले समय में संकट और गहराएगा।