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बोलेरो जीप खाई में गिरी, दंपति समेत छह लोगों की मौत

Tue, 01 Nov 2016 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
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सेलमाली-कोटा मार्ग पर रतुवाबगड़ के पास दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो जीप - फोटो : अमर उजाला
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बांसबगड़-सेलमाली-कोटा मार्ग पर मंगलवार अपरान्ह 2.30 बजे एक बोलेरो जीप के 500 मीटर गहरी खाई में गिरने से जीप में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में जीप चालक और दंपति भी शामिल हैं। घटना का मुख्य कारण सड़क का खराब होना बताया गया है। यह सभी लोग सेलमाली से इसी जीप में सवार होकर लौट रहे थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि जीप के परखच्चे उड़ गए। शवों को खाई से निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग खाई में उतरे, लेकिन तब तक सभी लोगों की मौत हो चुकी थी। नाचनी और थल थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई है। डीएम रंजीत सिन्हा ने शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को बांसबगड़ में कराने के लिए डॉक्टरों की टीम भेजने का आदेश दे दिया है।
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कोटा, मलौन, लोद गांवों को जाने वाले लोग सेलमाली से ही वाहनों में बैठते हैं। मंगलवार दोपहर बाद जैसे ही यह जीप यात्रियों को लेकर सेलमाली से कोटा के लिए रवाना हुई तो करीब तीन किलोमीटर आगे रतुवाबगड़ के पास एक मोड़ पर चालक संतुलन खो बैठा और जीप 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना में मलौन निवासी सुंदर सिंह (50) पुत्र नारायण सिंह, चालक जगत सिंह (36) पुत्र विजय सिंह, बहादुर सिंह (23) पुत्र जगत सिंह, माणीधामी निवासी मोहन सिंह (42) पुत्र विजय सिंह, उनकी पत्नी यशोदा देवी (35) और लोद निवासी बहादुर राम (50) पुत्र दीवानी राम की मौत हो गई।

घटनास्थल से पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोहर सिंह ने पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद गांव के लोग तत्काल राहत और बचाव के लिए खाई में उतर गए। बताया गया कि जीप में चालक समेत छह लोग ही सवार थे। नाचनी के थाना प्रभारी सुनील बिष्ट, थल के थाना प्रभारी केसी आर्या के नेतृत्व में गई पुलिस टीम और 108 आपात वाहन की टीम ने खाई से शवों को बाहर निकाला। देर शाम तक शवों को निकालने का काम जारी रहा। सभी शव बांसबगड़ में रखे जाएंगे। वहीं पर इनका पोस्टमार्टम होगा। 
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अपने भाई को टीका करने जा रही थी यशोदा 
नाचनी। हादसे का शिकार हुई माणीधामी निवासी यशोदा देवी पति मोहन सिंह के साथ कोटा गांव में रहने वाले अपने भाई को भैयादूज का टीका लगाने जा रही थी। इस हादसे से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है। यशोदा देवी लंबे समय से अपने मायके नहीं जा पाई थी। मंगलवार को उन्होंने यह तय किया था कि वह भाई को टीका लगाने के बाद रात मायके में ही रहेंगी।

दो साल पहले शुरू हुई थी सड़क
नाचनी। सेलमाली से कोटा तक की यह सड़क पीएमजीएसवाई के तहत बनी है। इसमें अभी निर्माण का काम चल रहा है लेकिन लोगों ने अपनी सुविधा के लिए दो साल से इस रोड पर वाहनों का संचालन शुरू करवा दिया था। रोड पर कई जगह खतरनाक मोड़ हैं और सड़क कई जगह बेहद संकरी है। यातायात शुरू होने के बाद इस रोड पर पहली बार हादसा हुआ है।

दुर्घटना के कारणों की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश
नाचनी। डीएम डा. रंजीत सिन्हा ने बताया कि दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसडीएम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दुर्घटना के बारे में कोई भी व्यक्ति लिखित या मौखिक बयान दे सकता है।

सभी मृतक गरीब परिवारों के थे
नाचनी। जीप दुर्घटना में मारे गए सभी लोग गरीब परिवारों के थे। यह लोग खेतीबाड़ी और पशुपालन कर आजीविका चलाते थे। मृतकों में कोई भी नौकरीपेशा या पूर्व सैनिक नहीं था। दुर्घटना के बाद मलौन, माणीधामी और लोद गांव में शोक छाया है।

आंतरिक मार्गों पर वाहनों की चेकिंग की व्यवस्था नहीं
पिथौरागढ़। पुलिस-प्रशासन नगरों और कस्बों में तो वाहनों की चेकिंग के लिए अभियान चलाता रहता है, लेकिन जिन इलाकों में भीषण हादसे होते हैं, वहां पर कभी चेकिंग नहीं होती। इन एकांत और सुनसान सड़कों पर यातायात के किसी नियम का पालन नहीं होता। अक्सर तकनीकी रूप से खराब वाहन जर्जर सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। वाहनों की तकनीकी जांच कभी नहीं होती। यदि चालक नशे में हो तो उनको रोकने वाला कोई नहीं होता। यात्रियों को मजबूरी में इन वाहनों में ही बैठना पड़ता है। क्योंकि ऐसी सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही चला करते हैं। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी भी स्वीकार करते हैं कि आंतरिक सड़कों पर चेकिंग कर पाना असंभव है, क्योंकि पुलिस के पास इतने संसाधन नहीं होते। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कों, नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे पर चेकिंग का काम नियमित चलता रहता है। अब यह कोशिश की जाएगी कि आंतरिक सड़कों पर भी समय-समय पर चेकिंग की व्यवस्था हो और चालकों एवं वाहन स्वामियों को नियमों के अनुसार वाहन संचालन की जानकारी दी जाए। ऐसे मौकों पर आम यात्रियों को भी सजग रहने की जरूरत है। यदि चालक ओवरस्पीड चलता है तो उसे टोका जाए। हाल के दिनों में जिले में यह सबसे भीषण घटना है। ठीक भैयादूज के त्यौहार के दिन घटी इस घटना ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं।
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