पिथौरागढ़। जिले के आठों विकासखंडों में पंचायत चुनाव हुआ लेकिन इसमें दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दावं पर लगी थी। जिले की चार विधानसभाओं में भाजपा के दिग्गज अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने में आगे रहे जबकि कांग्रेस पिछड़ गई। अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा के 14 तो कांग्रेस के सिर्फ सात अधिकृत और समर्थित प्रत्याशी जीतने में सफल हुए हैं। हालांकि दोनों ही दलों के पास जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सदस्य नहीं हैं। ऐसे में निर्दलीय सदस्य किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे। यह चुनाव परिणाम मौजूदा विधायकों के लिए विधानसभा चुनाव में अहम साबित होंगे।
धारचूला और मुनस्यारी विकासखंड में जिला पंचायत का चुनाव विधायक हरीश धामी पर केंद्रित रहा। दोनों विकासखंडों में जिला पंचायत की आठ सीटों पर हुए मुकाबले में कांग्रेस समर्थित तीन प्रत्याशी जीतने में सफल रहे तो इतने ही प्रत्याशी भाजपा जिता सकी। दो सीटों पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया है।
भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल की विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट, कनालीछीना और मूनाकोट में 10 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा का बोलबाला रहा। यहां छह सीट पर भाजपा और सिर्फ एक सीट पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीतकर जिला पंचायत सदस्य बने हैं जबकि तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने मैदान मारा। यहां विधायक बिशन सिंह चुफाल और कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत पार्टी समर्थित सबसे अधिक प्रत्याशी जीते हैं।
भाजपा विधायक फकीर राम टम्टा के नेतृत्व वाले गंगोलीहाट और बेड़ीनाग विकासखंड में जिला पंचायत की नौ सीट पर पार्टी समर्थित सिर्फ एक प्रत्याशी जीतने में सफल हुआ जबकि कांग्रेस की झोली में दो सीटें आई हैं। यहां सबसे अधिक छह निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर जिला पंचायत के सदन में पहुंचे हैं।
जिला मुख्यालय के नजदीक विण विकासखंड का नेतृत्व करने वाले विधायक मयूख महर ने निकाय चुनाव में ही पार्टी से किनारा कर लिया। ऐसे में जिला पंचायत की पांच सीटों वाले इस विकासखंड में भाजपा को इसका सीधा फायदा मिला। यहां भाजपा के चार तो कांग्रेस समर्थित सिर्फ एक प्रत्याशी अपनी सीट जीतने में सफल रहा है।
आंकड़ों से साफ है कि जिले की 32 जिला पंचायत सीट में भाजपा समर्थित 14, कांग्रेस समर्थित सात और 11 निर्दलीय प्रत्याशियों ने मैदान मारा है और इस चुनाव में भाजपा के दिग्गज कांग्रेस से अव्वल रहे हैं। संवाद
दोनों राष्ट्रीय दलों को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पाने के लिए निर्दलीयों का लेना होगा सहारा
जिले में जिला पंचायत की 32 सीटें हैं। चुनाव संपन्न हो गया है और अब दोनों राष्ट्रीय दलों के साथ ही निर्दलीयों की भी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर नजर है। आंकड़ों से साफ है कि अपने खेमे का जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए दोनों ही दलों को 17-17 जिला पंचायत सदस्यों का साथ चाहिए। दोनों ही दल इस आंकड़े को छूने में कामयाब नहीं हो सके हैं और 11 निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी ही जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में किंगमेकर की भूमिका में होंगे। दोनों ही दलों ने मतगणना पूरी होते ही निर्दलीय सदस्यों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
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जिला पंचायद सदस्यों का आंकड़ा
क्षेत्र सीट भाजपा कांग्रेस निर्दलीय
धारचूला 05 03 01 01
मुनस्यारी 03 00 02 01
डीडीहाट 03 02 00 01
मूनाकोट 04 02 01 01
कनालीछीना 03 02 00 01
बेड़ीनाग 04 01 01 02
गंगोलीहाट 05 00 01 04
बिण 05 04 01 00
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कुल 32 14 07 11
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