कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार में जहर खाकर जान गंवाने वाले हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे प्रकरण पर इस जिले में विरोध प्रदर्शन हुआ। कई संगठनों ने ट्रांसपोर्टर की मौत के लिए भाजपा की आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
जिला मुख्यालय में आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किया और भाजपा की आर्थिक नीतियों को व्यापारी विरोधी करार दिया। आम आदमी पार्टी प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य चंद्रप्रकाश पुनेड़ा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की तरह ही प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार भी तानाशाही का रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना से मुख्यमंत्री को सबक लेना चाहिए। प्रदर्शन में महादेव भट्ट, भूपेश जोशी, कैलाश बिष्ट, हरीश पंत, कमलेश मखौलिया, महेश बराल, सूरज उपरारी, संजीव बोरा आदि शामिल हुए।
उद्योग व्यापार मंडल ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि इस घटना के पीछे नोटबंदी और जीएसटी ही मुख्य कारण रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष शमशेर महर, उपाध्यक्ष आशीष सौन, संयुक्त सचिव दिनेश कापड़ी ने मांग की कि मृतक ट्रांसपोर्टर के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
मुनस्यारी में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। कहा कि ट्रांसपोर्टर की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुतला दहन के समय विधायक प्रतिनिधि ईश्वर कोरंगा, एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम दानू, राजेंद्र प्रसाद, दान सिंह, योगेश, प्रेम कुमार, हरीश प्रसाद, गोविंद कुंवर, शंकर धर्मशक्तू आदि थे।
गंगोलीहाट में भी व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि जीएसटी के नाम पर सभी को परेशान किया जा रहा है। प्रदर्शन में व्यापार संघ अध्यक्ष हरीश धानिक, उपाध्यक्ष संजय रावल, महासचिव केशर सिंह, कोषाध्यक्ष कमलेश उप्रेती आदि थे।