भाजपा ने बुधवार को कलक्ट्रेट में जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा ने जून 2014 से लेकर अब तक के कार्यों, मरम्मत के नाम पर हुए खर्चे, लीकेज एवं वेल्डिंग के नाम पर हुए घपलों की जांच की मांग उठाई।
साथ ही डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा, जिसमें कहा है कि घाट पंपिंग योजना जल संस्थान के लिए कामधेनु बन चुकी है।
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्ष 2013-14 में घाट पंपिंग योजना के सिल्ट को हटाने का काम 36 हजार रुपये में हुआ, लेकिन वर्ष 2014-15 में इसी काम में 1.18 लाख खर्च कर दिए गए।
उन्होंने खर्च की गई राशि को सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही नगर की सड़कों के चौड़ीकरण के समय क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत में कितनी राशि खर्च हुई और जो पाइप लगाए गए थे उनका साइज क्या था, वह कहां पर लगाए गए इसका पूरा ब्योरा मांगा है।
भाजपाइयों ने कहा कि घाट पंपिंग योजना से सिल्ट हटाने का काम इस समय क्यों शुरू किया गया, जबकि बारिश का सीजन बीते लंबा समय हो गया है।
भाजपा ने कार्यवाहक अधिशासी अभियंता के कार्यों की जांच करने और उनकी जगह स्थायी अधिशासी अभियंता को तैनात करने की भी मांग उठाई।
प्रदर्शन कराने वालों में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र रावत, महामंत्री ललित पंत, मनोज सामंत, गोपू महर, अभिमन्यु खत्री, मनोज भट्ट, विक्रम रावत, किशन खड़ायत, भगवान बल्लभ पंत आदि थे।