डीडीहाट में सड़क किनारे पड़े पाइप
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नगरपालिका चुनाव में पेयजल का मुद्दा हावी है। जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों से सवाल कर रही है आखिर कब पूरी होगी थल-डीडीहाट रामगंगा लिफ्टिंग पेयजल योजना। जनता के तीखे सवालों से दोनों ही दलों के उम्मीदवार परेशान हैं। उनके पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है। दोनों ही दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
डीडीहाट में पेयजल किल्लत को देखते हुए वर्ष 2011 में 23 करोड़ की रुपये की लागत से रामगंगा लिफ्टिंग पेयजल योजना की स्वीकृति हुई। इस योजना को 2015 तक बन जाना था। योजना के लिए अब तक 15 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को मिल गए हैं। थल रामगंगा में पेयजल टैंक बन गया है। सानदेव तक पाइप लाइन बिछा दी गई है। नगर क्षेत्र में भी पेयजल टैंक बना दिए गए हैं। सानदेव से डीडीहाट तक पाइप लाइन अभी नहीं बिछाई गई है। सड़क के किनारे जगह-जगह पिछले एक वर्ष से पाइप रखे हैं। नगर क्षेत्र में प्रतिदिन 1.5 एमएलडी पानी की मांग है।
इसके सापेक्ष गर्मी के सीजन में काफी कम पानी की आपूर्ति होती है। अब बजट नहीं मिलने से योजना अधर में ही है। योजना की लागत लगातार बढ़ रही है। भाजपा विधायक विशन सिंह चुफाल का कहना है कि वर्ष 2012 से योजना के लिए धनराशि नहीं मिली। वहीं कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ललित भंडारी का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार ने 10 करोड़ रुपये योजना के लिए जारी किए, भाजपा जबरन मामले को लटका रही है। बहरहाल पालिका चुनाव में जनता दोनों ही दलों के उम्मीदवारों से पूछ रही है कि पानी कब आएगा।