बंगापानी में आयोजित बैठक में रणनीति तय करते बीआरओ के मजदूर।
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सीमा सड़क संगठन के मजदूरों ने भारतमाला सड़क निर्माण का कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को देने पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने ऐसा किए जाने पर आंदोलन का ऐलान किया है। कहा कि भारतमाला सड़क निर्माण को एनएच को दिया तो सीमांत के चार ब्लाकों के छह हजार से अधिक बीआरओ के मजदूर के बेरोजगार हो जाएंगे।
रविवार को बंगापानी में बीआरओ की बैठक में इस पर चिंता जताई गई। बैठक में मजदूर नेताओं ने कहा कि पूर्व में टनकपुर से पिथौरागढ़ तक के बारहमासी सड़क निर्माण का काम बीआरओ से हटा कर एनएच को दिया गया। इससे बीआरओ के मजदूर बेरोजगार हो गए थे। इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें भी भविष्य की चिंता सताने लगी है। काम न मिलने से कनालीछीना, मुनस्यारी, डीडीहाट और धारचूूला ब्लाक के बीआरओ के मजदूर फिर बेरोजगार हो जाएंगे। कहा कि यदि किसी दूसरी एजेंसी को भारतमाला का निर्माण कार्य दिया भी जाता है तो बीआरओ के मजदूरों के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। अन्यथा मजदूर आंदोलन में कूद जाएंगे।
मजदूर नेता जगत मर्तोलिया ने कहा कि बीआरओ के मजदूरों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में मजदूरों का शिष्टमंडल अगले माह दिल्ली में रक्षा मंत्री से मुलाकात करेगा। बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट रहने की अपील की। संचालन कमान सिंह ने किया। इस दौरान प्रेम सिंह परिहार, पुष्कर परिहार, सुदंर सिंह, रतन राम, सूरज राम, मनमोहन जोशी, ललित राम आदि थे।