राजकीय संग्रहालय के प्रेक्षागृह में लोकगाथा भाना गंगनाथ पर आधारित नाटक का मंचन देखने के लिए लोगों की अपार भीड़ उमड़ गई। भाव राग ताल नाट्य अकादमी ने इस नाटक के माध्यम से एक ओर लोगों को ऐतिहासिक गाथाओं के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया दूसरी ओर नाटक ने लोगों का स्वस्थ मनोरंजन भी किया।
भाना गंगनाथ नाटक की कहानी अटूट प्रेम पर आधारित है। गंगाचंद को एक दिन सपने में भाना दिखती हैं और वह अपना सब कुछ त्यागकर भाना की खोज में निकल जाते हैं। एक दिन उनको भाना मिल जाती है। बाद में इन दोनों की हत्या हो जाती है। इनकी आत्मा क्रोधित होकर लोगों को परेशान करने लगती है। जब लोगों ने क्षमा याचना की तो गंगनाथ मान जाते हैं।
नाटक में गंगनाथ की भूमिका पंकज चंद ने, भाना की भूमिका प्रीति रावत ने जीवंत तरीके से निभाई। अन्य कलाकारों में भवैचंद की भूमिका रोहित यादव, प्यूंला रानी दीपा बिष्ट, नट डिगरदीप, अनीता बिटालू, गोरिया सूरज सिंह आदि थे। इसके अलावा दीपक मंडल, जितेंद्र धामी, तरुण वर्मा, अभिषेक बोहरा, शुभम कार्की, तरुण वर्मा ने भी विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई।
नाटक का निर्देशन कैलाश कुमार ने किया। सभी कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया। नाटक में संगीत धीरज कुमार ने और नृत्य संरचना हेमंत पांडे ने की। नाटक मंचन के समय मुख्य अतिथि विधायक मयूख महर और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी थे।