मतदान बहिष्कार के कारण गंगोलीहाट के भामा मतदान केंद्र में पसरा सन्नाटा
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गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र के भामा बूथ और धारचूला विधानसभा क्षेत्र के क्वीरीजिमियां (मुनस्यारी) मतदान केंद्र के मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार किया। भामा क्षेत्र के लोग सड़क न बनने से तो क्वीरीजिमियां के लोग सड़क न होने के साथ ही आपदा प्रभावितों की समस्या हल न होने से खफा थे। गंगोलीहाट के भामा बूथ में एक भी वोट नहीं पड़ा। क्वीरीजिमियां में 5 मतदान कर्मियों के वोट पड़े।
गंगोलीहाट के प्राथमिक विद्यालय भामा बूथ में 751 मतदाता थे। सुबह से ही इलाके के लोग मतदान न करने को लेकर एकजुट दिखाई दे रहे थे। शाम पांच बजे तक कोई भी मतदाता वोट डालने नहीं आया। भामा बूथ के अंतर्गत आने वाले पनकटिया, भामा, जाखनी उप्रेती, पाभें, डोडरी के लोग मणकनाली-भामा-पाभें स्वीकृत सड़क का निर्माण न होने से नाराज थे। ये सड़क पीएमजीएसवाई से स्वीकृत है। इन गांवों के लोगों ने चुनाव से पूर्व ही मतदान न करने का ऐलान कर दिया था। प्रशासनिक स्तर पर लोगों को मनाने के प्रयास भी हुए, लेकिन उपेक्षा से आहत लोग मतदान न करने पर अडिग रहे। इलाके के लोगों का कहना था कि जब नेता उनके गांवों की सुध नहीं लेते तो वह लोग मतदान क्यों करें।
मुनस्यारी के आपदा प्रभावित गांव क्वीरीजिमियां 298 मतदाता थे। यहां केवल 5 मतदान कर्मियों ने वोट डाला। गांव के लोग वोट डालने के लिए घरों से बाहर नहीं निकले। क्वीरीजिमियां गांव वर्ष 2010 की आपदा से प्रभावित है। भूस्खलन से गांव की जमीन दरक गई। मकानों में दरार आ गई। इन लोगों का अब तक विस्थापन नहीं हो पाया है। गांव के लोगों को सड़क तक आने के लिए 8 किमी पैदल चलना पड़ता है। लगातार मांग के बाद भी क्वीरीजिमियां के लिए सड़क नहीं बनी। क्वीरीजिमियां के लोगों ने भी एक महीने पहले चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया था।