18 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र आंकोट के भगवती मंदिर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण लेकर आ रहा है। यह मंदिर वर्ष में केवल चार बार खुलता है। यहां तक कि नवरात्र पर भी मंदिर के कपाट नहीं खुलते थे। इस बार नवरात्र पर पहली बार देवी मंदिर के कपाट खुले रहेंगे। अमर उजाला ने नवरात्र पर भगवती मंदिर के कपाट बंद रहने का मामला विगत वर्षों में कई बार उठाया था, इसी को देखते हए मंदिर कमेटी ने इस बार नवरात्र पर मंदिर के कपाट खोलने का निर्णय लिया है।
तहसील मुख्यालय से लगे गांव आंकोट में प्राचीन शक्ति पीठ स्थापित है। यह देवी मंदिर पूरे साल में चार प्रमुख पूर्णिमा माघ पूर्णिमा, बैसाख पूर्णिमा, सावन पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा को ही खोला जाता था। इसके अतिरिक्त मंदिर के कपाट खोलने की परंपरा नहीं थी। नवरात्र पर भी मंदिर के कपाट बंद रहते थे। अमर उजाला पिछले दो साल से हर नवरात्र पर मंदिर के कपाट बंद रहने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है। इस वर्ष मंदिर कमेटी ने निर्णय लिया कि 18 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र पर पूरे दस दिन मंदिर के कपाट खुलेेंगे। यह पहला अवसर होगा जब मंदिर के कपाट नवरात्र पर खोले जाएंगे।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खड़ायत ने बताया कि मंदिर कमेटी की बैठक में मंदिर के कपाट नवरात्र पर खोलने का निर्णय लिया गया है। मंदिर कमेटी के संरक्षक प्रेम सिंह खड़ायत ने बताया कि पहली नवरात्र को सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। लोगों ने नवरात्र पर मंदिर के कपाट खोलने का स्वागत किया है।