एक साल बाद भी पुल का निर्माण नहीं करने से गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को बेड़ीनाग-हल्द्वानी सड़क पर जाम लगाकर विरोध जताया। लोगों में एक साल से यातायात बाधित होने से काफी गुस्सा था। विधायक के आश्वासन पर लोग माने। इस दौरान पौने दो घंटे तक लगे जाम में दर्जनों वाहन फंसे रहे।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सेरा उर्फ बडोली मोहन चंद्र जोशी, सारतोला की प्रधान गोपुली देवी नेतृत्व में सारतोला, नैनी समेत कई गांवों के लोगों ने रामपुर के पास बेड़ीनाग-हल्द्वानी सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों ने सरकार, लोनिवि और एडीबी खंड के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि एक फरवरी 2017 को नियालिया सेरा का पुल ध्वस्त हो गया था। इसमें दो युवकों की मौत हो गई थी, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी नया पुल नहीं बनाया गया है। इससे कई गांवों की यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। लोगों को कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा रहा है। हादसे के समय प्रशासन ने दो महीने के भीतर नया पुल बनवाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। हालांकि, आवागमन के लिए एक ट्राली लगाई गई थी, वह भी खराब हो गई है।
वहीं, जाम लगाने की सूचना पर विधायक मीना गंगोला ने आंदोलनकारियों से फोन पर वार्ता की और जल्द ही पुल का निर्माण कराने का आश्वासन दिया। कहा कि अप्रैल 2018 तक नियालियासेरा पुल का निर्माण हो जाएगा। नियोलियासेरा में खराब पड़ी ट्राली को ठीक कराया जाएगा। नियोलियासेरा के कुलूर नदी में आवागमन के लिए अस्थायी पुलिया का निर्माण कराया जाएगा। मौके पर पहुंचे विधायक प्रतिनिधि गोविंद पांडे ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। इस पर सुबह 10.45 बजे ग्रामीण जाम हटाने के लिए तैयार हुए।
लोगों ने कहा कि यदि जल्द पुल का काम शुरू नहीं हुआ तो संबंधित गांवों के लोग आंदोलन करेंगे। जाम लगाने की सूचना पर बेड़ीनाग से थानाध्यक्ष बलवंत कांबोज, राजस्व उप निरीक्षक देवेंद्र मर्तोलिया भी मौके पर पहुंच गए थे। इस दौरान रमेश चंद्र, श्याम लाल, माधवानंद नेवलिया, नारायण सिंह, पूरन चंद्र, सुरेश चंद्र, रमेश डसीला आदि मौजूद थे।