बिना टिकट यात्रा कराने के मामले में एकतरफा कार्रवाई पर रोडवेज कर्मियों की यूनियन भड़क गई है। यूनियन ने पूरी जांच से पहले ही परिचालकों पर एकतरफा कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। इसे लेकर यूनियन ने शीर्ष प्रबंधन से वार्ता का फैसला लिया है।
शुक्रवार को रोडवेज इंप्लाइज यूनियन की बैठक में प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रबंधन बिना टिकट मामलेे में परिचालकों का पक्ष सुने बगैर कार्रवाई कर रहा है। इसका असर कर्मचारी के मनोबल पर पड़ रहा है। उन्होंने बिना टिकट यात्रा के मामले में परिचालकों का पक्ष जानने और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही कार्रवाई की मांग की।
बैठक में अधिक आय देने वाले परिचालकों के मार्ग परिवर्तन पर भी नाराजगी जताई। आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय बढ़ाने और संविदा में लेने के संबंध में भी चर्चा हुई। तय हुआ कि प्रबंधन ने इस संबंध में जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो यूनियन आंदोलन करेगा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह महर, धर्मेंद्र कुमार, पर्वत सिंह, रामअवध यादव, भूपेश उपाध्याय, कैलाश कुमार, पीके पंत, फूल चंद्र मौर्या आदि थे।
किशन अध्यक्ष, चंद्रशेखर बने मंत्री
रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के लिए किशन सिंह महर को शाखा अध्यक्ष, चंद्रशेखर पांडे को निर्विरोध मंत्री चुना गया है। शुक्रवार को रोडवेज परिसर में चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी घोषित की गई। चुनाव अधिकारी पूरन राम, देवेंद्र सिंह ने बताया कि शिवलाल झवेरी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, धर्मेंद्र कुमार उपाध्यक्ष, निशीत चंद्र एवं भवान सिंह संयुक्त मंत्री, भूपेश उपाध्याय संगठन मंत्री, दीवान चंद्र प्रचार मंत्री, प्रदीप त्रिपाठी कोषाध्यक्ष, कैलाश कुमार कार्यालय सचिव, दीवान पोखरिया लेखा परीक्षक चुने गए हैं। इसके अलावा पर्वत सिंह, चंद्रपाल वर्मा, चंद्र मोहन, धीरेंद्र जोशी, शाहिद हुसैन, शिवलाल कार्यकारिणी सदस्य, राजेंद्र महर, अनिल जोशी प्रांतीय प्रतिनिधि, देवेंद्र पाल, इंद्र देव क्षेत्रीय प्रतिनिधि चुने गए हैं।