सीमांत जिले में कड़ाके की ठंड पड़ने का सिलसिला जारी है। मौसम साफ होने से रात को जमकर पाला गिर रहा है। सुबह के समय पारा काफी लुढ़क रहा है। रविवार को सुबह चारों ओर पाला जमा नजर आया। सड़कों में पाले की चादर बिछने से दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया है।
इन दिनों उत्तर पश्चिम से आने वाली सर्द हवाओं के कारण पूरा सीमांत ठिठुर रहा है। रविवार को भी उच्च हिमालयी क्षेत्र में सर्द हवाएं चलती रहीं। शुक्रवार इस सीजन का सबसे सर्द दिन रहा था। रविवार सुबह पांच बजे का तापमान .4 डिग्री न्यूनतम रिकार्ड किया गया। मुनस्यारी में रविवार की सुबह तापमान माइनस तीन रिकार्ड किया गया।
दिन में धूप खिलने के बावजूद रात को पाला गिरने और सर्द हवाओं के चलने से ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। रविवार सुबह पिथौरागढ़-धारचूला नेशनल हाइवे पर नैनीपातल से सतगड़ तक पाले की चादर बिछी थी।
इसी तरह सातशिलिंग-देवलथल-थल, रामेश्वर-गंगोलीहाट, गंगोलीहाट-बेड़ीनाग सड़क पर कई स्थानों में पाले की चादर बिछी रही। सुबह धूप आने के बाद पाला पिघलने का क्रम शुरू हुआ, लेकिन कई स्थानों में सूर्य की किरणें नहीं पड़ती, इस कारण उन स्थानों में दिनभर पाला सड़क में जमा रहता है। सुबह-शाम पड़ रही कड़ाके की ठंड से बचने के लिए जिले के लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।