थल-मुनस्यारी मार्ग पर दो जुलाई की आपदा के बाद एक दर्जन से अधिक स्थान डेंजर जोन में तब्दील हो चुके हैं। इससे पर्यटक और स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतें हो रही है।
लोनिवि द्वारा दो माह बाद भी थल-मुनस्यारी मार्ग ठीक नहीं करने से वाहन संचालन खतरनाक हो रहा है। हालांकि, कई स्थानों पर गर्डर डालकर सड़क को आवागमन लायक बनाया गया है, लेकिन भारी वाहनों के लिए खतरा बना हुआ है। लोनिवि मुख्यालय के बगल में गार्डरों की मिट्टी गिरने से गड्ढे हो गए हैं। बनिक, रातिगाड़ की हालत भी कमोबेश ऐसी ही है। लोनिवि उन स्थानों पर ही कार्य कर रहा है, जहां डेंजर जोन नहीं है। पर्यटन सीजन शुरू होने के बाद कई पर्यटक खराब सड़क के कारण वापस जा रहे हैं।
कई स्थानों पर वाहन बड़ी मुश्किल से मुनस्यारी पहुंच रहे हैं। सड़क भोलू खोलटा, लोनिवि गेस्ट हाउस के पास, बनिक, बेटुलीधार, रातापानी, गिनी बैंड, गिरगांव, कक्कड़सिंह बैंड, रातिगाड़, नाचनी आदि स्थानों पर खराब है। लोनिवि के एसडीओ शरद जिंदल का कहना है कि मार्ग आपदा के कारण काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा।